अर-रहमान · 50/78
अनुवाद उच्चारण — सूरा अर-रहमान
فِيهِمَا عَيْنَانِ تَجْرِيَانِ ۝٥٠
Feehimaa `aynaani tajriyaan
📖 हिंदी अर्थ
इन दोनों में दो चश्में जारी होंगें

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فِيهِمَا: उन दोनों जन्नतों में
  • عَيْنَانِ: दो चश्मे (सोते/झरने)
  • تَجْرِيَانِ: बहते हुए

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने अपने नेक बंदों के लिए जो दो जन्नतें तैयार की हैं, उनमें दो चश्मे (सोते) बहते रहते हैं। ये चश्मे साफ, शुद्ध और अत्यंत स्वादिष्ट पानी के हैं, जो जन्नत के ऊँचे और निचले हिस्सों में बहते हैं। एक चश्मे का नाम "सल्सबील" है और दूसरे का "तस्नीम" — दोनों अत्यंत ठंडे, मीठे और खुशगवार पानी के स्रोत हैं, जो कभी सूखते नहीं और कभी रुकते नहीं। ये चश्मे जन्नत के हर कोने में अपनी रवानी के साथ जन्नतियों के लिए खुशी और सुकून का सामान बनाते हैं।

यह अल्लाह की उस महान रहमत का प्रतीक है जो उसने अपने मोमिन बंदों के लिए रखी है। जिस तरह दुनिया में पानी जीवन का आधार है और उसके बिना जीवन अधूरा है, उसी तरह जन्नत में ये बहते चश्मे हमेशा की खुशी और आराम की निशानी हैं। अल्लाह तआला ने अपने बंदों पर यह एहसान किया है कि उन्हें ऐसी जगह देगा जहाँ न कोई प्यास होगी, न कोई थकान, बल्कि हर तरफ रहमत और इनाम ही इनाम होगा।

यह आयत हमें याद दिलाती है कि अल्लाह की रहमत और उसके इनामों की कोई कमी नहीं है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके रास्ते पर चलते हैं, उनके लिए ऐसी नेमतें हैं जिनका अंदाज़ा हम नहीं कर सकते। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम अल्लाह की राह में मेहनत करें, उसकी इबादत में लगे रहें, और उस जन्नत के हक़दार बनें जहाँ ये चश्मे बहते हैं। अल्लाह तआला अपने बंदों से बहुत प्यार करता है और चाहता है कि वे उसकी रहमत के साये में सुकून पाएँ।



📜 आयत 48-52 — सूरा अर-रहमान

48ذَوَاتَا أَفْنَانٍ
दोनों बाग़ (दरख्तों की) टहनियों से हरे भरे (मेवों से लदे) हुए
49فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
फिर दोनों अपने सरपरस्त की किस किस नेअमतों को झुठलाओगे
50فِيهِمَا عَيْنَانِ تَجْرِيَانِ
इन दोनों में दो चश्में जारी होंगें
51فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने परवरदिगार की किस किस नेअमत से मुकरोगे
52فِيهِمَا مِن كُلِّ فَاكِهَةٍ زَوْجَانِ
इन दोनों बाग़ों में सब मेवे दो दो किस्म के होंगे
अर-रहमानकुरान सूची
78आयत
मदनीअवतरण स्थान
50आयत

अनुवाद — अर-रहमान 50

सूरा अर-रहमान आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इन दोनों में दो चश्में जारी होंगें

सूरा आयत 50/78 — सूरा अर-रहमान الرحمن (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-रहमान सुनें, सूरा अर-रहमान अनुवाद, सूरा अर-रहमान mp3, सूरा अर-रहमान pdf. आयत 48–52. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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