अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَعْلَمُ: सबसे अधिक जानने वाला।
- يَضِلُّ: भटकता है, पथभ्रष्ट होता है।
- سَبِيلِهِ: उसके (अल्लाह के) मार्ग से।
- بِالْمُهْتَدِينَ: हिदायत पाने वालों (सीधे मार्ग पर चलने वालों) से।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आपका रब ही सबसे अधिक जानने वाला है कि कौन उसके सीधे मार्ग से भटककर गुमराही में पड़ गया है, और कौन उसके मार्ग पर चलकर हिदायत पा गया है। यह ज्ञान केवल अल्लाह को है, किसी इंसान को नहीं। वह हर उस व्यक्ति को भली-भाँति जानता है जो उसकी आज्ञा का उल्लंघन करके कुफ्र, शिर्क या पाप के रास्ते पर चलता है, और वह उन लोगों को भी पूरी तरह जानता है जिन्होंने उसके दीन (इस्लाम) को अपनाया और उसके आदेशों का पालन करते हुए सीधे रास्ते पर स्थिर रहे। अल्लाह के ज्ञान से उनमें से कोई भी छिपा नहीं है, न भटकने वाला और न ही हिदायत पाने वाला। यह ज्ञान उसी के पास है, और वही दोनों समूहों को उनके कर्मों के अनुसार प्रतिफल देगा — भटकने वालों को उनकी गुमराही की सज़ा और हिदायत पाने वालों को उनके ईमान और अच्छे कर्मों का बदला।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि लोगों के दिलों का हाल और उनकी नीयतें केवल अल्लाह ही जानता है। इसलिए हमें किसी के बारे में अंतिम फैसला नहीं करना चाहिए कि वह जन्नती है या जहन्नमी — यह मामला अल्लाह के सुपुर्द है।
- हमें अपने आपको दूसरों से बेहतर समझने का घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि हम नहीं जानते कि हमारा अंत कैसा होगा। अल्लाह ही जानता है कि सच्चा मुहतदी (हिदायत पाने वाला) कौन है।
- यह आयत हमें अल्लाह के ज्ञान की असीमता का एहसास कराती है — वह हर छोटी-बड़ी बात, हर छिपी और खुली चीज़ से वाकिफ है। यह विश्वास हमारे दिल में अल्लाह का खौफ और उसकी निगरानी का एहसास पैदा करता है, जो हमें गुनाहों से बचाता है।
- इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि हमें अपने कर्मों की परवाह करनी चाहिए, न कि दूसरों के बारे में बेवजह की चिंता या आलोचना में पड़ना चाहिए। हर इंसान अपनी मेहनत और अमल के अनुसार अल्लाह के यहाँ फल पाएगा।
- यह आयत हमें इस्लाम की सुंदर शिक्षा देती है कि अल्लाह का दीन (इस्लाम) ही सीधा मार्ग है, और इस मार्ग पर चलने वालों को अल्लाह की ओर से पूरा इनाम मिलेगा। यह हमें इस्लाम पर स्थिर रहने और उसकी शिक्षाओं का पालन करने की प्रेरणा देती है।
📜 आयत 115-119 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 117
सूरा अल-अनआम आयत 117 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (तो तुम क्या जानों) जो लोग उसकी राह से बहके…सूरा आयत 117/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 115–119. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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