अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُصْرَفْ عَنْهُ: जिससे उसे हटा दिया जाए (अर्थात यातना को उससे दूर कर दिया जाए)।
- يَوْمَئِذٍ: उस दिन (यानी क़ियामत के दिन)।
- فَقَدْ رَحِمَهُ: तो अल्लाह ने उस पर दया की।
- الْفَوْزُ الْمُبِينُ: स्पष्ट सफलता, खुली कामयाबी।
तफ़सीर:
क़ियामत के दिन जब सभी इंसान हश्र के मैदान में इकट्ठे होंगे और अल्लाह अपने बंदों का हिसाब लेगा, तो उस दिन की भयावहता और यातना से जिसे भी बचा लिया जाएगा, वही सच्चा कामयाब है। यानी जिस व्यक्ति से उस दिन की सख्त अज़ाब (यातना) को टाल दिया गया, तो समझ लीजिए कि अल्लाह ने उस पर रहमत (दया) की। यह बचाव और निजात ही वह स्पष्ट सफलता है जिससे बढ़कर कोई सफलता नहीं। यहाँ "फ़ौज़ुल मुबीन" से मुराद वह खुली और ज़ाहिर कामयाबी है जो जहन्नम की आग से निजात पाकर जन्नत में दाखिल होने की है। यह वह कामयाबी है जो हर मुसीबत और हर दुनियावी कामयाबी से ऊपर है, क्योंकि यह हमेशा रहने वाली नेमत है।
फ़ायदे:
- यह आयत हमें सिखाती है कि असली कामयाबी दुनिया की दौलत, शोहरत या ओहदा हासिल करना नहीं है, बल्कि असली कामयाबी अल्लाह की रहमत पाना और उसकी यातना से बचना है।
- इस आयत से हमें अल्लाह की रहमत की उम्मीद रखनी चाहिए, क्योंकि वह अपने बंदों पर बहुत दयालु है और चाहता है कि उसके बंदे उसकी रहमत से निजात पाएँ।
- यह आयत हमें आख़िरत के दिन की याद दिलाती है, ताकि हम अपने जीवन को सही दिशा में लगाएँ और उन कामों से बचें जो उस दिन यातना का कारण बनें।
- इससे यह भी पता चलता है कि अल्लाह की रहमत पाने का सबसे बड़ा ज़रिया उसके आदेशों का पालन और उसकी नाराज़गी से बचना है, और यही वह रास्ता है जो हमें उस स्पष्ट सफलता तक पहुँचाता है।
📜 आयत 14-18 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 16
सूरा अल-अनआम आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस दिन जिस (के सर) से अज़ाब टल गया तो…सूरा आयत 16/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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