अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَذَبُوا عَلَى أَنْفُسِهِمْ: उन्होंने अपने ऊपर झूठ बोला।
- ضَلَّ عَنْهُمْ: उनसे खो गया, गायब हो गया।
- يَفْتَرُونَ: वे झूठ घड़ते थे, मनघड़ंत बातें बनाते थे (अल्लाह के साथ साझीदार ठहराना)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! देखो कि ये मुशरिकीन (बहुदेववादी) क़ियामत के दिन किस तरह अपने ऊपर झूठ बोलेंगे। जब उनसे पूछा जाएगा: "तुम्हारे वे माबूद कहाँ हैं जिन्हें तुम अल्लाह का साझीदार बनाते थे?" तो वे सख़्त इनकार करेंगे और कहेंगे: "अल्लाह की क़सम! हम मुशरिक नहीं थे।" यह उनका झूठ उन्हीं पर वापस आएगा, क्योंकि अल्लाह तआला उनके दिलों की बात और उनके अमल को खूब जानता है। वे अपने उन झूठे माबूदों से बिल्कुल मायूस हो जाएँगे जिनकी वे दुनिया में पूजा करते थे और जिनसे वे शिफ़ाअत (सिफ़ारिश) की उम्मीद लगाए बैठे थे। वे सारे माबूद उनसे ग़ायब हो जाएँगे, कोई उनकी मदद को नहीं आएगा, और वे समझ जाएँगे कि उनका सारा भरोसा और उम्मीदें बेकार और झूठी थीं।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है कि अल्लाह के साथ किसी को साझीदार बनाना, चाहे वह बुत हो, पीर-मुर्शिद हों, या कोई और चीज़, सबसे बड़ा झूठ और सबसे बड़ा नुक़सान है। जिस दिन सच सामने आएगा, उस दिन ये सारे झूठे सहारे छूमंतर हो जाएँगे। इसलिए ऐ इंसान! अपनी ज़िंदगी को सिर्फ़ अल्लाह की इबादत के लिए बनाओ, उसी पर भरोसा रखो, और उसी से मदद माँगो। यही सच्ची कामयाबी है। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है और चाहता है कि वे उसकी तरफ़ रुजू करें, ताकि वे दुनिया और आख़िरत दोनों में सुख-चैन पाएँ। जो लोग सिर्फ़ अल्लाह को अपना मालिक और मददगार मानते हैं, उन्हें कभी निराशा और पछतावे का सामना नहीं करना पड़ता।
📜 आयत 22-26 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 24
सूरा अल-अनआम आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल भला) देखो तो ये लोग अपने ही ऊपर…सूरा आयत 24/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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