अल-अनआम · 23/165
अनुवाद उच्चारण — अल-अनआम
ثُمَّ لَمْ تَكُن فِتْنَتُهُمْ إِلَّا أَن قَالُوا وَاللَّهِ رَبِّنَا مَا كُنَّا مُشْرِكِينَ ۝٢٣
Summa lam takun fitnatuhum illaaa an qaaloo wallaahi Rabbinaa maa kunnaa mushrikeen
📖 हिंदी अर्थ
फिर उनकी कोई शरारत (बाक़ी) न रहेगी बल्कि वह तो ये कहेगें क़सम है उस ख़ुदा की जो हमारा पालने वाला है हम किसी को उसका शरीक नहीं बनाते थे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فِتْنَتُهُمْ: उनका उत्तर और बहाना। इसे "फ़ित्ना" इसलिए कहा गया क्योंकि यह झूठ और धोखा है, और झूठ इंसान को आज़माइश और हलाकत में डालने का कारण बनता है।
  • مَا كُنَّا مُشْرِكِينَ: हम शिर्क करने वाले नहीं थे।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब क़ियामत के दिन अल्लाह तआला मुशरिकों से उनके झूठे माबूदों (देवताओं) के बारे में पूछेगा, और उन्हें उन लोगों के सामने लाकर खड़ा किया जाएगा जिन्हें वे दुनिया में अल्लाह का साझी मानते थे, तो उस वक़्त उनके पास कोई जवाब नहीं होगा, सिवाय इसके कि वे अपने माबूदों से बराअत (बेज़ारी) जताएँगे और झूठी क़समें खाकर कहेंगे: "अल्लाह की क़सम, जो हमारा रब है, हम दुनिया में शिर्क करने वाले नहीं थे।" वे यह झूठ इसलिए बोलेंगे क्योंकि उस वक़्त उन्हें एहसास होगा कि शिर्क की सज़ा कितनी सख्त है, और वे उससे बचने के लिए झूठ का सहारा लेंगे। लेकिन अल्लाह उनके मुँह पर मुहर लगा देगा, और उनके हाथ-पैर और दूसरे अंग उनके किए हुए कामों की गवाही देंगे, ताकि उनका झूठ खुल जाए और सच्चाई ज़ाहिर हो जाए। यह उनके लिए सबसे बड़ी रुसवाई और शर्मिंदगी का मौक़ा होगा।

फ़ायदे (सबक):

  1. अल्लाह तआला की पकड़ बहुत सख्त है, और क़ियामत के दिन हर झूठ और धोखे का पर्दाफाश होगा। कोई भी इंसान अपने किए की सज़ा से बच नहीं सकता।
  2. शिर्क सबसे बड़ा गुनाह है, और मुशरिकों को उस वक़्त अपनी गलती का एहसास होगा, लेकिन पछतावा और झूठ उन्हें बचा नहीं पाएगा। इसलिए हमें चाहिए कि दुनिया में ही अपने ईमान को शिर्क और बिदअत से पाक रखें।
  3. अल्लाह का इंसाफ़ पूरा है — वह किसी पर ज़ुल्म नहीं करता, बल्कि सच्चाई को ज़ाहिर करने के लिए गवाह भी खड़े करेगा। यह हमें सिखाता है कि हमें हमेशा सच बोलना चाहिए और अल्लाह से डरना चाहिए, क्योंकि उसकी नज़र से कोई चीज़ छिपी नहीं है।
  4. यह आयत हमें तौहीद (एकेश्वरवाद) की अहमियत समझाती है — कि सिर्फ़ अल्लाह की इबादत करना ही नजात का ज़रिया है, और शिर्क से बचना ही असली कामयाबी है।


📜 आयत 21-25 — अल-अनआम

21وَمَنْ أَظْلَمُ مِمَّنِ افْتَرَىٰ عَلَى اللَّهِ كَذِبًا أَوْ كَذَّبَ بِآيَاتِهِ ۗ إِنَّهُ لَا يُفْلِحُ الظَّالِمُونَ
और जो शख़्श ख़ुदा पर झूठ बोहतान बॉधे या उसकी आयतों को झुठलाए उससे बढ़के ज़ालिम कौन होगा और ज़ालिमों को हरगिज़ नजात न होगी
22وَيَوْمَ نَحْشُرُهُمْ جَمِيعًا ثُمَّ نَقُولُ لِلَّذِينَ أَشْرَكُوا أَيْنَ شُرَكَاؤُكُمُ الَّذِينَ كُنتُمْ تَزْعُمُونَ
और (उस दिन को याद करो) जिस दिन हम उन सबको जमा करेंगे फिर जिन लोगों ने शिर्क किया उनसे पूछेगें कि जिनको तुम (ख़ुदा का) शरीक ख्याल करते थे कहाँ हैं
23ثُمَّ لَمْ تَكُن فِتْنَتُهُمْ إِلَّا أَن قَالُوا وَاللَّهِ رَبِّنَا مَا كُنَّا مُشْرِكِينَ
फिर उनकी कोई शरारत (बाक़ी) न रहेगी बल्कि वह तो ये कहेगें क़सम है उस ख़ुदा की जो हमारा पालने वाला है हम किसी को उसका शरीक नहीं बनाते थे
24انظُرْ كَيْفَ كَذَبُوا عَلَىٰ أَنفُسِهِمْ ۚ وَضَلَّ عَنْهُم مَّا كَانُوا يَفْتَرُونَ
(ऐ रसूल भला) देखो तो ये लोग अपने ही ऊपर आप किस तरह झूठ बोलने लगे और ये लोग (दुनिया में) जो कुछ इफ़तेरा परदाज़ी (झूठी बातें) करते थे
25وَمِنْهُم مَّن يَسْتَمِعُ إِلَيْكَ ۖ وَجَعَلْنَا عَلَىٰ قُلُوبِهِمْ أَكِنَّةً أَن يَفْقَهُوهُ وَفِي آذَانِهِمْ وَقْرًا ۚ وَإِن يَرَوْا كُلَّ آيَةٍ لَّا يُؤْمِنُوا بِهَا ۚ حَتَّىٰ إِذَا جَاءُوكَ يُجَادِلُونَكَ يَقُولُ الَّذِينَ كَفَرُوا إِنْ هَٰذَا إِلَّا أَسَاطِيرُ الْأَوَّلِينَ
वह सब ग़ायब हो गयी और बाज़ उनमें के ऐसे भी हैं जो तुम्हारी (बातों की) तरफ कान लगाए रहते हैं और (उनकी हठ धर्मी इस हद को पहुँची है कि गोया हमने ख़ुद उनके दिलों पर परदे डाल दिए हैं और उनके कानों में बहरापन पैदा कर दिया है कि उसे समझ न सकें और अगर वह सारी (ख़ुदाई के) मौजिज़े भी देखे लें तब भी ईमान न लाएंगें यहाँ तक (हठ धर्मी पहुची) कि जब तुम्हारे पास तुम से उलझे हुए आ निकलते हैं तो कुफ्फ़ार (क़ुरान लेकर) कहा बैठे है (कि भला इसमें रखा ही क्या है) ये तो अगलों की कहानियों के सिवा कुछ भी नहीं
अल-अनआमकुरान सूची
165आयत
मक्कीRevelation
23आयत

अनुवाद — अल-अनआम 23

सूरा अल-अनआम आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर उनकी कोई शरारत (बाक़ी) न रहेगी बल्कि वह तो…

सूरा आयत 23/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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