Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فِتْنَتُهُمْ: उनका उत्तर और बहाना। इसे "फ़ित्ना" इसलिए कहा गया क्योंकि यह झूठ और धोखा है, और झूठ इंसान को आज़माइश और हलाकत में डालने का कारण बनता है।
- مَا كُنَّا مُشْرِكِينَ: हम शिर्क करने वाले नहीं थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब क़ियामत के दिन अल्लाह तआला मुशरिकों से उनके झूठे माबूदों (देवताओं) के बारे में पूछेगा, और उन्हें उन लोगों के सामने लाकर खड़ा किया जाएगा जिन्हें वे दुनिया में अल्लाह का साझी मानते थे, तो उस वक़्त उनके पास कोई जवाब नहीं होगा, सिवाय इसके कि वे अपने माबूदों से बराअत (बेज़ारी) जताएँगे और झूठी क़समें खाकर कहेंगे: "अल्लाह की क़सम, जो हमारा रब है, हम दुनिया में शिर्क करने वाले नहीं थे।" वे यह झूठ इसलिए बोलेंगे क्योंकि उस वक़्त उन्हें एहसास होगा कि शिर्क की सज़ा कितनी सख्त है, और वे उससे बचने के लिए झूठ का सहारा लेंगे। लेकिन अल्लाह उनके मुँह पर मुहर लगा देगा, और उनके हाथ-पैर और दूसरे अंग उनके किए हुए कामों की गवाही देंगे, ताकि उनका झूठ खुल जाए और सच्चाई ज़ाहिर हो जाए। यह उनके लिए सबसे बड़ी रुसवाई और शर्मिंदगी का मौक़ा होगा।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह तआला की पकड़ बहुत सख्त है, और क़ियामत के दिन हर झूठ और धोखे का पर्दाफाश होगा। कोई भी इंसान अपने किए की सज़ा से बच नहीं सकता।
- शिर्क सबसे बड़ा गुनाह है, और मुशरिकों को उस वक़्त अपनी गलती का एहसास होगा, लेकिन पछतावा और झूठ उन्हें बचा नहीं पाएगा। इसलिए हमें चाहिए कि दुनिया में ही अपने ईमान को शिर्क और बिदअत से पाक रखें।
- अल्लाह का इंसाफ़ पूरा है — वह किसी पर ज़ुल्म नहीं करता, बल्कि सच्चाई को ज़ाहिर करने के लिए गवाह भी खड़े करेगा। यह हमें सिखाता है कि हमें हमेशा सच बोलना चाहिए और अल्लाह से डरना चाहिए, क्योंकि उसकी नज़र से कोई चीज़ छिपी नहीं है।
- यह आयत हमें तौहीद (एकेश्वरवाद) की अहमियत समझाती है — कि सिर्फ़ अल्लाह की इबादत करना ही नजात का ज़रिया है, और शिर्क से बचना ही असली कामयाबी है।
📜 आयत 21-25 — सूरा अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 23
सूरा अल-अनआम आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर उनकी कोई शरारत (बाक़ी) न रहेगी बल्कि वह तो…सूरा आयत 23/165 — सूरा अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनआम सुनें, सूरा अल-अनआम अनुवाद, सूरा अल-अनआम mp3, सूरा अल-अनआम pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


