अल-आराफ · 15/206
अनुवाद उच्चारण — अल-आराफ
قَالَ إِنَّكَ مِنَ الْمُنظَرِينَ ۝١٥
Qaala innaka minal munzareen
📖 हिंदी अर्थ
जिस दिन सारी ख़ुदाई के लोग दुबारा जिलाकर उठा खड़े किये जाएगें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مِنَ الْمُنظَرِينَ: उन लोगों में से जिन्हें मोहलत दी गई है, अर्थात जिनकी मृत्यु को स्थगित कर दिया गया है।

तफसीर:

अल्लाह तआला ने इबलीस की उस प्रार्थना को स्वीकार करते हुए फरमाया: "बेशक तू उन लोगों में से है जिन्हें मोहलत दी गई है।" यह मोहलत उसे उस समय तक दी गई जब तक कि पहली बार सूर (नरसिंगा) में फूंक न मारी जाए, जिसके बाद सभी प्राणी मर जाएंगे। यह मोहलत अल्लाह की अपार कृपा और उसकी बुद्धिमत्ता पर आधारित थी, जिसमें कई रहस्य और हिकमतें छिपी थीं।

यह मोहलत इबलीस के लिए एक परीक्षा का साधन बनाई गई, ताकि अल्लाह के बंदों में से सच्चे आज्ञाकारी और अवज्ञाकारी लोग स्पष्ट हो जाएं। इसके माध्यम से अल्लाह ने यह भी प्रकट करना चाहा कि कौन अपने ईमान में सच्चा है और कौन केवल दिखावे के लिए अच्छा है। साथ ही, इस मोहलत से अच्छे कर्म करने वालों का अज्र (पुरस्कार) और बुरे कर्म करने वालों का वज़्र (गुनाह) अधिक होगा, क्योंकि परीक्षा की अवधि लंबी होने से अच्छाई और बुराई दोनों के परिणाम बड़े होंगे।

यह घटना बताती है कि अल्लाह तआला ने इबलीस को उसकी प्रार्थना के अनुसार मोहलत दी, लेकिन यह मोहलत अनंत नहीं है, बल्कि एक निश्चित समय तक ही है। यह अल्लाह की क़ुदरत और उसके फैसले की निशानी है कि वह जिसे चाहे मोहलत दे और जिसे चाहे तुरंत पकड़ ले।

फ़ायदे (सबक):

  1. अल्लाह तआला की रहमत और उसकी हिकमत का पता चलता है कि वह अपने बंदों को मोहलत देता है, ताकि वे तौबा कर सकें और अपने कर्म सुधार सकें।
  2. यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का फैसला अटल है और उसकी मोहलत भी उसी की मर्जी पर निर्भर है। इसलिए हमें अल्लाह की अवज्ञा से बचना चाहिए और उसकी इबादत में लगे रहना चाहिए।
  3. मोहलत का यह वादा हमें याद दिलाता है कि दुनिया की ज़िंदगी अस्थायी है और अंततः हर व्यक्ति को अपने कर्मों का हिसाब देना होगा। इसलिए हमें इस जीवन को अल्लाह की आज्ञा के अनुसार बिताना चाहिए।
  4. यह घटना हमें शैतान के धोखे से सावधान रहने की शिक्षा देती है, क्योंकि उसे मोहलत मिली हुई है और वह हमें बहकाने की कोशिश करता रहेगा। हमें अल्लाह की याद और उसकी किताब का सहारा लेकर उसके धोखे से बचना चाहिए।
🎧 सुनें

📜 आयत 13-17 — अल-आराफ

13قَالَ فَاهْبِطْ مِنْهَا فَمَا يَكُونُ لَكَ أَن تَتَكَبَّرَ فِيهَا فَاخْرُجْ إِنَّكَ مِنَ الصَّاغِرِينَ
और उसको मिट्टी (ऐसी कशीफ़ अनसर) से पैदा किया ख़ुदा ने फरमाया (तुझको ये ग़ुरूर है) तो बेहश्त से नीचे उतर जाओ क्योंकि तेरी ये मजाल नहीं कि तू यहाँ रहकर ग़ुरूर करे तो यहाँ से (बाहर) निकल बेशक तू ज़लील लोगों से है
14قَالَ أَنظِرْنِي إِلَىٰ يَوْمِ يُبْعَثُونَ
कहने लगा तो (ख़ैर) हमें उस दिन तक की (मौत से) मोहलत दे
15قَالَ إِنَّكَ مِنَ الْمُنظَرِينَ
जिस दिन सारी ख़ुदाई के लोग दुबारा जिलाकर उठा खड़े किये जाएगें
16قَالَ فَبِمَا أَغْوَيْتَنِي لَأَقْعُدَنَّ لَهُمْ صِرَاطَكَ الْمُسْتَقِيمَ
फ़रमाया (अच्छा मंजूर) तुझे ज़रूर मोहलत दी गयी कहने लगा चूँकि तूने मेरी राह मारी तो मैं भी तेरी सीधी राह पर बनी आदम को (गुमराह करने के लिए) ताक में बैठूं तो सही
17ثُمَّ لَآتِيَنَّهُم مِّن بَيْنِ أَيْدِيهِمْ وَمِنْ خَلْفِهِمْ وَعَنْ أَيْمَانِهِمْ وَعَن شَمَائِلِهِمْ ۖ وَلَا تَجِدُ أَكْثَرَهُمْ شَاكِرِينَ
फिर उन लोगों से और उनके पीछे से और उनके दाहिने से और उनके बाएं से (गरज़ हर तरफ से) उन पर आ पडूंगा और (उनको बहकाउंगा) और तू उन में से बहुतरों की शुक्रग़ुज़ार नहीं पायेगा
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अनुवाद — अल-आराफ 15

सूरा अल-आराफ आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन सारी ख़ुदाई के लोग दुबारा जिलाकर उठा खड़े…

सूरा आयत 15/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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