अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مِن بَيْنِ أَيْدِيهِمْ: उनके सामने की ओर से (आख़िरत की ओर से)
- وَمِنْ خَلْفِهِمْ: उनके पीछे की ओर से (दुनिया की ओर से)
- عَنْ أَيْمَانِهِمْ: उनकी दाहिनी ओर से (नेकियों के रास्तों की ओर से)
- عَن شَمَائِلِهِمْ: उनकी बायीं ओर से (बुराइयों के रास्तों की ओर से)
- شَاكِرِينَ: शुक्रगुज़ार, कृतज्ञ (अर्थात ईमानवाले)
तफ़सीर:
इबलीस ने यह भी कहा कि "फिर मैं उनके सामने से और उनके पीछे से, उनकी दाहिनी ओर से और उनकी बायीं ओर से आऊँगा।" यानी मैं हर दिशा और हर तरफ़ से उन्हें गुमराह करने की कोशिश करूँगा। मैं उन्हें आख़िरत के बारे में शक में डालूँगा, दुनिया की मोहब्बत उनके दिलों में डालूँगा, नेक कामों से रोकूँगा और बुरे कामों को उनके लिए ख़ूबसूरत बनाकर पेश करूँगा। मैं उनके सामने शुबहात (संदेह) पैदा करूँगा और उनकी इच्छाओं और ख्वाहिशों को भड़काऊँगा। इबलीस ने यह भी कहा कि "ऐ मेरे रब! तू उनमें से अधिकतर लोगों को शुक्रगुज़ार (कृतज्ञ) नहीं पाएगा," यानी उनमें से ज़्यादातर लोग तेरा शुक्र अदा नहीं करेंगे और तेरे ईमान और इबादत पर क़ायम नहीं रहेंगे। यह बात इबलीस ने अपने अंदाज़े और गुमान से कही थी, और उसका यह अंदाज़ा सही साबित हुआ, जैसा कि क़ुरआन में कहा गया: "इबलीस ने उनके बारे में अपना गुमान सच कर दिखाया" (सूरा सबा: 20)।
फ़ायदे:
- शैतान इंसान का खुला दुश्मन है और वह हर तरफ़ से उसे गुमराह करने की कोशिश करता है, इसलिए हमें हमेशा उसके वसवसों से बचने की दुआ माँगनी चाहिए और अल्लाह की पनाह लेनी चाहिए।
- यह आयत हमें सिखाती है कि शैतान नेकियों के रास्तों से भी इंसान को रोकने की कोशिश करता है, इसलिए नेक काम करते समय भी हमें अल्लाह से मदद माँगनी चाहिए।
- अल्लाह का शुक्र अदा करना और उसकी नेअमतों को पहचानना ही असली ईमान की निशानी है, और शैतान की कोशिश यही है कि इंसान अल्लाह का शुक्र न करे।
- यह आयत हमें आगाह करती है कि दुनिया की मोहब्बत और आख़िरत के बारे में शक शैतान के सबसे बड़े हथियार हैं, इसलिए हमें इनसे बचकर रहना चाहिए।
📜 आयत 15-19 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 17
सूरा अल-आराफ आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर उन लोगों से और उनके पीछे से और उनके…सूरा आयत 17/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








