Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَغْوَيْتَنِي: तूने मुझे पथभ्रष्ट कर दिया, मुझे गुमराह कर दिया।
- لَأَقْعُدَنَّ: मैं अवश्य बैठूँगा (अर्थात् लगातार प्रयास करूँगा और घात लगाऊँगा)।
- صِرَاطَكَ الْمُسْتَقِيمَ: तेरा सीधा मार्ग, अर्थात् इस्लाम और ईमान का रास्ता।
तफसीर (व्याख्या):
जब अल्लाह तआला ने आदम (अलैहिस्सलाम) को सजदा करने का आदेश दिया और इब्लीस ने घमंड के कारण उस आदेश को ठुकरा दिया, तो अल्लाह ने उसे अपनी रहमत से दूर कर दिया। उस समय इब्लीस ने कहा: "ऐ मेरे रब! जिस तरह तूने मुझे गुमराह किया और मैं तेरी आज्ञा का उल्लंघन करके पथभ्रष्ट हो गया, उसी तरह मैं भी तेरी क़सम खाकर कहता हूँ कि मैं तेरे सीधे रास्ते पर बैठूँगा और आदम की संतान को उस सीधे मार्ग से भटकाने की पूरी कोशिश करूँगा। मैं उन्हें इस्लाम, ईमान और हर अच्छे काम से रोकूँगा, और उनके सामने बुराई को सुंदर बनाकर पेश करूँगा ताकि वे तेरे सीधे रास्ते से हट जाएँ, जैसे मैं स्वयं उससे हट गया।"
इब्लीस ने यह बात उस समय कही जब उसे अल्लाह की ओर से श्राप और अपमान मिल चुका था। उसने अपनी असफलता और ईर्ष्या के कारण आदम की संतान को भी उसी प्रकार गुमराह करने की प्रतिज्ञा की। यह उसकी ओर से अल्लाह की आज्ञा के विरुद्ध एक खुला विद्रोह और अवज्ञा थी।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि शैतान हमारा खुला शत्रु है और उसने अल्लाह से प्रतिज्ञा की है कि वह हमें सीधे रास्ते से भटकाएगा। इसलिए हमें उसके धोखों से सावधान रहना चाहिए और उसके बहकावे में नहीं आना चाहिए।
- अल्लाह का सीधा मार्ग (इस्लाम) ही सच्चा मार्ग है, और शैतान उसी मार्ग पर घात लगाकर बैठता है। जो व्यक्ति इस मार्ग पर चलता है, वह शैतान के निशाने पर होता है, इसलिए उसे सतर्क रहना चाहिए।
- यह आयत हमें यह भी बताती है कि शैतान की कोशिशें कितनी गहरी और निरंतर हैं, लेकिन अल्लाह की सुरक्षा और उसकी रहमत उससे कहीं बड़ी है। जो लोग अल्लाह पर भरोसा करते हैं और उसकी शरण लेते हैं, अल्लाह उन्हें शैतान के मक्कारी से बचाता है।
- हमें यह भी सीख मिलती है कि जब हम किसी गलती या पथभ्रष्टता का शिकार हों, तो उसका दोष दूसरों पर नहीं डालना चाहिए, बल्कि अपनी गलती स्वीकार करके अल्लाह से क्षमा माँगनी चाहिए। इब्लीस ने अपनी गलती का दोष अल्लाह पर डाला, जबकि असली कारण उसका अपना घमंड और अवज्ञा थी।
📜 आयत 14-18 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 16
सूरा अल-आराफ आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फ़रमाया (अच्छा मंजूर) तुझे ज़रूर मोहलत दी गयी कहने लगा…सूरा आयत 16/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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