अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَ قَاسَمَهُمَا: उन दोनों (आदम और हव्वा) के सामने क़सम खाई, यानी भगवान की क़सम खाकर उन्हें यक़ीन दिलाया।
- لَمِنَ النَّاصِحِينَ: निश्चित रूप से मैं तुम दोनों का भला चाहने वालों में से हूँ।
तफ़सीर:
जब शैतान ने देखा कि आदम और हव्वा उसकी बात पर पूरी तरह यक़ीन नहीं कर रहे और उनके दिलों में झिझक है, तो उसने अपनी चाल का आख़िरी हथियार इस्तेमाल किया — उसने अल्लाह की क़सम खाकर उन दोनों से कहा: "मैं तुम दोनों का सच्चा शुभचिंतक हूँ।" उसने अपनी सलाह को सच्चा और अपने इरादे को ख़ालिस भलाई वाला साबित करने के लिए झूठी क़सम खाई। वह जानता था कि इंसान आम तौर पर क़सम को सच्चाई की गारंटी समझता है, इसलिए उसने इसी कमज़ोरी का फ़ायदा उठाया। यह पहला मौक़ा था जब किसी ने अल्लाह के नाम पर झूठी क़सम खाई — और यह झूठी क़सम शैतान की तरफ़ से थी, जो उसके धोखे की इंतिहा थी। उसने यह क़सम सिर्फ़ इसलिए खाई ताकि आदम और हव्वा का भरोसा जीत सके और उन्हें उस पेड़ के फल खाने पर मजबूर कर सके, जिससे अल्लाह ने उन्हें मना किया था।
फ़ायदे और सबक:
- शैतान का सबसे बड़ा हथियार झूठ और धोखा है — वह कभी-कभी अल्लाह की क़सम तक खा लेता है ताकि इंसान को गुमराह कर सके। इसलिए हर बात को सिर्फ़ क़सम की वजह से सच नहीं मान लेना चाहिए।
- यह आयत हमें सिखाती है कि क़सम एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है — अल्लाह के नाम पर झूठी क़सम खाना सबसे बड़े गुनाहों में से है, और शैतान ने इसी से इंसान को गुमराह करने की शुरुआत की।
- इंसान को चाहिए कि वह हर नसीहत और सलाह को अक़्ल और दिल से परखे, सिर्फ़ इसलिए न मान ले कि सामने वाला क़सम खा रहा है — क्योंकि धोखेबाज़ लोग क़समों का इस्तेमाल भरोसा जीतने के लिए करते हैं।
- यहाँ से हमें यह भी सबक मिलता है कि अल्लाह की नाफ़रमानी की तरफ़ ले जाने वाली हर बात — चाहे वह कितनी भी अच्छी लगे या कोई कितनी भी क़सम खाए — उसे क़बूल नहीं करना चाहिए। अल्लाह का हुक्म सबसे ऊपर है।
- यह आयत हमें शैतान की मक्कारी से बचने की ताक़त देती है और बताती है कि असली नसीहत और भलाई सिर्फ़ अल्लाह और उसके रसूल की तरफ़ से आती है — जो इंसान को जन्नत और खुशियों की राह दिखाती है, न कि गुमराही और हलाकत की तरफ़।
📜 आयत 19-23 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 21
सूरा अल-आराफ आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उन दोनों के सामने क़समें खायीं कि मैं यक़ीनन…सूरा आयत 21/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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