Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- عَلَقَةً (अलक़ा): जमा हुआ ख़ून, भ्रूण की वह अवस्था जब वह चिपकने वाली चीज़ के रूप में होता है।
- فَخَلَقَ (फ़ख़लक़): फिर अल्लाह ने उसे पैदा किया।
- فَسَوَّى (फ़सव्वा): फिर उसे बराबर और सही-सलामत बनाया, उसके अंगों को सही अनुपात में ढाला।
तफ़सीर:
ऐ इन्सान! तू जो पुनरुत्थान (आख़िरत) का इन्कार करता है, क्या तूने कभी अपनी पैदाइश के मराहिल (चरणों) पर ग़ौर किया है? तू पहले एक कमज़ोर नुत्फ़ा (बूँद) था — एक ऐसा पानी जो हक़ीर और बेहद कमज़ोर है, जो रहम (गर्भाशय) में डाला जाता है। फिर वह नुत्फ़ा जमा हुआ ख़ून (अलक़ा) बन गया। फिर अल्लाह ने उसे पैदा किया और उसकी सूरत को सही और मुकम्मल बनाया — उसके हाथ, पैर, आँखें, कान, दिल और दिमाग़ — सब कुछ एक निहायत ही मुनज़्ज़म (व्यवस्थित) तरीक़े से ढाला।
यह वही अल्लाह है जिसने इसी इन्सान से नर और मादा (मर्द और औरत) के जोड़े बनाए। अब ज़रा सोच — जिस रब ने तुझे पहली बार इस क़ाबिलियत के साथ पैदा किया, क्या वह तुझे दोबारा ज़िन्दा करने पर क़ादिर नहीं? हरगिज़ नहीं! वह हर चीज़ पर पूरी तरह क़ादिर है।
यह आयत हमें अल्लाह की क़ुदरत पर ग़ौर करने की दावत देती है। जब हम अपनी पैदाइश के इन मराहिल पर ग़ौर करते हैं, तो हमारा ईमान मज़बूत होता है और हमें यक़ीन होता है कि जिस अल्लाह ने हमें पहली बार पैदा किया, वह हमें दोबारा ज़िन्दा करके हिसाब लेने के लिए ज़रूर उठाएगा। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िन्दगी को अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) में गुज़ारें, क्योंकि एक दिन हमें उसके सामने हाज़िर होना है। अल्लाह की रहमत और उसकी क़ुदरत पर भरोसा रखें — वही हमारा ख़ालिक़ (रचयिता) है, वही हमारा रब है, और वही हमारा मालिक है। उसकी तारीफ़ और शुक्र अदा करना हमारा फ़र्ज़ है।
📜 आयत 36-40 — सूरा अल-क़ियामा
अनुवाद — अल-क़ियामा 38
सूरा अल-क़ियामा आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर लोथड़ा हुआ फिर ख़ुदा ने उसे बनायासूरा आयत 38/40 — सूरा अल-क़ियामा القيامة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़ियामा सुनें, सूरा अल-क़ियामा अनुवाद, सूरा अल-क़ियामा mp3, सूरा अल-क़ियामा pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-क़ियामा
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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