अन-नबा · 12/40
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नबा
وَبَنَيْنَا فَوْقَكُمْ سَبْعًا شِدَادًا ۝١٢
Wa banaina fauqakum sab `an shi daada
📖 हिंदी अर्थ
और तुम्हारे ऊपर सात मज़बूत (आसमान) बनाए

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
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A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • بَنَيْنَا: हमने बनाया
  • فَوْقَكُمْ: तुम्हारे ऊपर
  • سَبْعًا: सात (आसमान)
  • شِدَادًا: बहुत मज़बूत, मजबूत बनावट वाली, जिसमें कोई कमज़ोरी न हो

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में अपनी महान शक्ति और कुदरत का ज़िक्र करते हुए फ़रमाता है कि हमने तुम्हारे ऊपर सात आसमान बनाए हैं, जो अत्यंत मज़बूत और पुख्ता हैं। ये आसमान इतने मजबूत हैं कि इनमें कोई दरार नहीं, कोई कमज़ोरी नहीं, और न ही समय गुज़रने का इन पर कोई असर होता है। ये अरबों-खरबों सालों से अपनी जगह पर क़ायम हैं, बिना किसी सहारे के, बिना किसी खंभे के — यह अल्लाह की कुदरत का अद्भुत नमूना है।

ग़ौर फ़रमाइए! ये विशाल आसमान, जिनमें असंख्य तारे, सितारे, ग्रह और आकाशगंगाएँ हैं, सब किसी मज़बूत रचयिता की बनाई हुई चीज़ हैं। अगर कोई इंसान अपने घर की छत को मज़बूत बनाने की कोशिश करता है, तो वह कितनी मेहनत और सामग्री लगाता है, लेकिन अल्लाह ने इन सातों आसमानों को बिना किसी सामग्री के, सिर्फ़ अपने कहने से पैदा कर दिया। यही अल्लाह की ताक़त है कि वह जब चाहता है किसी चीज़ को "हो जा" कहता है, तो वह हो जाती है।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है कि जिस अल्लाह ने इतने विशाल और मज़बूत आसमान बनाए, क्या वह हमें दोबारा ज़िंदा करके हिसाब लेने से असमर्थ है? हरगिज़ नहीं! जो इतनी बड़ी रचना कर सकता है, वह छोटे से इंसान को दोबारा पैदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। यह आयत हमें अल्लाह की अज़मत पर ईमान लाने की दावत देती है और उस दिन की याद दिलाती है जब सबको उसके सामने खड़ा होना है।

प्यारे भाइयों और बहनों! जब हम रात को आसमान की तरफ़ देखते हैं, तो उसकी खूबसूरती और मज़बूती हमें अपने रब की याद दिलाती है। ये आसमान हमारे लिए एक निशानी हैं कि अल्लाह कितना महान है, कितना शक्तिशाली है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने जीवन को अल्लाह के हुक्मों के मुताबिक़ बनाएँ, उसकी इबादत करें और उसके दिए हुए इन नेमतों पर शुक्र अदा करें। याद रखिए, ये आसमान एक दिन समेट दिए जाएँगे, लेकिन अल्लाह का हिसाब हमेशा के लिए क़ायम रहेगा।



📜 आयत 10-14 — सूरा अन-नबा

10وَجَعَلْنَا اللَّيْلَ لِبَاسًا
और रात को परदा बनाया
11وَجَعَلْنَا النَّهَارَ مَعَاشًا
और हम ही ने दिन को (कसब) मआश (का वक्त) बनाया
12وَبَنَيْنَا فَوْقَكُمْ سَبْعًا شِدَادًا
और तुम्हारे ऊपर सात मज़बूत (आसमान) बनाए
13وَجَعَلْنَا سِرَاجًا وَهَّاجًا
और हम ही ने (सूरज) को रौशन चिराग़ बनाया
14وَأَنزَلْنَا مِنَ الْمُعْصِرَاتِ مَاءً ثَجَّاجًا
और हम ही ने बादलों से मूसलाधार पानी बरसाया
अन-नबाकुरान सूची
40आयत
मक्कीअवतरण स्थान
12आयत

अनुवाद — अन-नबा 12

सूरा अन-नबा आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम्हारे ऊपर सात मज़बूत (आसमान) बनाए

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Sunday, October 4, 2026

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