अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- सिराजन: चिराग़, दीपक, रोशनी देने वाला।
- वह्हाजन: अत्यधिक प्रकाशमान, बहुत तेज़ रोशनी और गर्मी देने वाला, दहकता हुआ चमकीला दीपक।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपनी असीम क़ुदरत और बेमिसाल रहमत का ज़िक्र करते हुए फ़रमाया कि हमने सूरज को एक ऐसा चमकता हुआ, दहकता हुआ और अत्यधिक प्रकाश फैलाने वाला चिराग़ बनाया है। यह सूरज न केवल रोशनी देता है बल्कि अपनी गर्मी और प्रकाश से पूरी दुनिया को रोशन करता है, जिससे ज़मीन पर जीवन की हर गतिविधि संभव होती है। यह सूरज अल्लाह की क़ुदरत का एक ज़िंदा सबूत है कि जिसने इसे पैदा किया, वही इस कायनात का मालिक है।
यहाँ अल्लाह तआला ने सूरज को "सिराजन वह्हाजन" कहकर उसकी दो ख़ूबियाँ बयान कीं: एक यह कि वह रोशनी देता है, और दूसरे यह कि वह गर्मी भी देता है। यानी सूरज सिर्फ़ रोशनी ही नहीं बल्कि गर्मी और ऊर्जा का भी स्रोत है, जो पूरी दुनिया के लिए रहमत है। इसी सूरज की बदौलत फ़सलें उगती हैं, मौसम बदलते हैं, और जीवन के तमाम सिस्टम चलते हैं।
इस आयत में अल्लाह तआला हमें अपनी नेअमतों की याद दिला रहा है ताकि हम उसके शुक्रगुज़ार बनें और उसकी क़ुदरत पर ग़ौर करें। जिस रब ने इतनी बड़ी और रोशन चीज़ पैदा की, क्या वह मुर्दों को ज़िंदा करने पर क़ादिर नहीं? बेशक वह हर चीज़ पर पूरी तरह क़ादिर है। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि जिस तरह सूरज दुनिया को रोशनी देता है, उसी तरह हमें भी अपने ज्ञान, अच्छे अख़लाक़ और नेक कामों से दूसरों के लिए रोशनी का ज़रिया बनना चाहिए।
इस नेअमत पर ग़ौर करने से हमारा ईमान मज़बूत होता है और हमारा दिल अल्लाह की मोहब्बत से भर जाता है। यही वह रोशनी है जो हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ देती है। अल्लाह तआला हमें इस नेअमत का सही एहसास करने और उसका शुक्र अदा करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 11-15 — अन-नबा
अनुवाद — अन-नबा 13
सूरा अन-नबा आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम ही ने (सूरज) को रौशन चिराग़ बनायासूरा आयत 13/40 — अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नबा सुनें, अन-नबा अनुवाद, अन-नबा mp3, अन-नबा pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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