Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَشَدُّ خَلْقًا: अर्थात अधिक कठिन पैदाइश या रचना में अधिक मज़बूत।
- بَنَاهَا: अर्थात उसे (आसमान को) बनाया, ऊपर उठाया और मज़बूत किया।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में उन लोगों से सवाल कर रहा है जो मरने के बाद दोबारा जीवित होने (आख़िरत) को असंभव समझते हैं। वह फ़रमाता है: "क्या तुम्हारा दोबारा पैदा होना अधिक कठिन है या आसमान का पैदा होना?" यानी जिस अल्लाह ने इतने विशाल, ऊँचे और मज़बूत आसमान को बिना किसी सहारे के खड़ा किया, उसके लिए तुम्हें दोबारा जीवित करना कौन सी मुश्किल काम है? जब वह पहली बार तुम्हें पैदा करने पर क़ादिर था, तो दोबारा पैदा करना उसके लिए और भी आसान है।
फिर अल्लाह आसमान की रचना की महानता बयान करता है कि उसने उसे ऊपर उठाया, उसे एक अद्भुत छत की तरह बनाया, जिसमें कोई दरार नहीं, कोई कमी नहीं। उसने उसकी रात को अंधेरा बनाया और उसके दिन को उजाला दिया। इसके बाद उसने ज़मीन को बिछाया, उसमें पहाड़ों को मज़बूत खूँटों की तरह गाड़ा, उसमें पानी के सोते जारी किए और चरने वाली घास-वनस्पति उगाई — यह सब कुछ तुम्हारे और तुम्हारे जानवरों के फ़ायदे के लिए।
तो जिस अल्लाह ने यह सब कुछ बनाया, क्या वह तुम्हें दोबारा ज़िंदा करने पर क़ादिर नहीं? हरगिज़ नहीं! यह सब उसके लिए बेहद आसान है। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) के आगे कुछ भी मुश्किल नहीं है। जिसने इस विशाल ब्रह्मांड को बनाया, उसके लिए हमारा दोबारा जीवित होना कुछ भी नहीं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह की अज़ीमुश्शान क़ुदरत पर ग़ौर करने की दावत देती है। जब हम आसमान की बुलंदी, उसकी खूबसूरती और उसकी मज़बूती को देखते हैं, तो हमारा ईमान मज़बूत होता है कि जो अल्लाह इतना बड़ा काम कर सकता है, वह हमें दोबारा ज़िंदा करने से कभी आजिज़ नहीं हो सकता। यह हमें आख़िरत की तैयारी की तरफ़ बुलाती है — कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, क्योंकि एक दिन हमें उसी के सामने हाज़िर होना है। यह आयत मोमिन के दिल में अल्लाह की अज़मत का एहसास पैदा करती है और उसे अच्छे आमाल की तरफ़ राग़िब करती है।
📜 आयत 25-29 — सूरा अन-नाज़ियात
अनुवाद — अन-नाज़ियात 27
सूरा अन-नाज़ियात आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : भला तुम्हारा पैदा करना ज्यादा मुश्किल है या आसमान कासूरा आयत 27/46 — सूरा अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नाज़ियात सुनें, सूरा अन-नाज़ियात अनुवाद, सूरा अन-नाज़ियात mp3, सूरा अन-नाज़ियात pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अन-नाज़ियात
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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