अबस · 5/42
अनुवाद उच्चारण — सूरा अबस
أَمَّا مَنِ اسْتَغْنَىٰ ۝٥
Amma manis taghnaa
📖 हिंदी अर्थ
तो जो कुछ परवाह नहीं करता

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
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A Abdul Basit Abdul Samad ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَمَّا – जहाँ तक, जो कोई
  • مَنِ اسْتَغْنَى – जो अपने आप को बेनियाज़ समझे, जो (अल्लाह और ईमान से) बेपरवाह हो

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी मुहम्मद ﷺ को नर्म अंदाज़ में समझा रहे हैं कि आप उस व्यक्ति की ओर ध्यान देते हैं जो अपनी दौलत और ऐशो-आराम के कारण अपने आपको बेनियाज़ समझता है, यानी उसे आपकी तालीम और हिदायत की कोई ज़रूरत ही महसूस नहीं होती। वह अल्लाह और ईमान से मुँह मोड़े हुए है, क्योंकि उसे लगता है कि उसके पास सब कुछ है। वह दुनिया की चमक-दमक में इतना खोया हुआ है कि उसे आख़िरत की कोई फ़िक्र नहीं।

यहाँ अल्लाह तआला अपने रसूल ﷺ को एक बहुत ही प्यारी और नाज़ुक नसीहत कर रहे हैं — कि आप उस शख्स की परवाह करते हैं जो हिदायत से बेज़ार है, और उसे छोड़ देते हैं जो सच्चे दिल से हिदायत चाहता है। यह कोई सख्त मलामत नहीं, बल्कि एक शफ़्क़त भरी तरबियत है, ताकि दावत का काम उसी तरह हो जैसा अल्लाह को पसंद है — हक़ की प्यासी रूहों को तरजीह दी जाए।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि दौलत और दुनिया का माल किसी को अल्लाह की राह से ग़ाफ़िल न कर दे। जो इंसान अपनी दौलत पर इतराता है और समझता है कि उसे किसी चीज़ की ज़रूरत नहीं, वह असल में सबसे बड़ा घाटे में है, क्योंकि उसने अपनी आख़िरत खो दी। अल्लाह तआला हमें इस ग़ुरूर से बचाए।

और जो लोग अल्लाह की तरफ रुजू करते हैं, चाहे वे ग़रीब हों या कमज़ोर, अल्लाह के नज़दीक वही सबसे ज़्यादा इज़्ज़त वाले हैं। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में उन लोगों की क़द्र करें जो दीन की तालीम चाहते हैं, और उन लोगों से किनारा करें जो हिदायत से मुँह मोड़ते हैं। यही अल्लाह और उसके रसूल ﷺ की पसंद है।



📜 आयत 3-7 — सूरा अबस

3وَمَا يُدْرِيكَ لَعَلَّهُ يَزَّكَّىٰ
और तुमको क्या मालूम यायद वह (तालीम से) पाकीज़गी हासिल करता
4أَوْ يَذَّكَّرُ فَتَنفَعَهُ الذِّكْرَىٰ
या वह नसीहत सुनता तो नसीहत उसके काम आती
5أَمَّا مَنِ اسْتَغْنَىٰ
तो जो कुछ परवाह नहीं करता
6فَأَنتَ لَهُ تَصَدَّىٰ
उसके तो तुम दरपै हो जाते हो हालॉकि अगर वह न सुधरे
7وَمَا عَلَيْكَ أَلَّا يَزَّكَّىٰ
तो तुम ज़िम्मेदार नहीं
अबसकुरान सूची
42आयत
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5आयत

अनुवाद — अबस 5

सूरा अबस आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जो कुछ परवाह नहीं करता

सूरा आयत 5/42 — सूरा अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अबस सुनें, सूरा अबस अनुवाद, सूरा अबस mp3, सूरा अबस pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.





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Monday, September 28, 2026

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