अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَوْ يَذَّكَّرُ – या वह नसीहत हासिल करे, सीख ले।
- فَتَنفَعَهُ الذِّكْرَى – तो उसे वह नसीहत (सीख) लाभ पहुँचाए।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उस अंधे व्यक्ति के संदर्भ में है जो रसूलुल्लाह ﷺ के पास सवाल पूछने और सीखने की गरज से आया था, लेकिन आप ﷺ उस समय कुछ क़ुरैश के बड़े लोगों को दीन की दावत दे रहे थे और उनकी ओर ध्यान देने में मशगूल थे। अल्लाह तआला ने इस आयत में फ़रमाया कि तुम्हें क्या ख़बर है, शायद वह अंधा व्यक्ति तुम्हारे पास इसलिए आया हो कि वह तुम्हारी बात सुनकर नसीहत हासिल करे, उसका दिल साफ़ हो जाए, उसका जीवन सुधर जाए और उसे वह नसीहत जो तुम उसे दोगे, पूरा लाभ पहुँचाए।
यानी वह व्यक्ति जो सीखने और सुधरने की नीयत से आया है, उसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, क्योंकि उसकी आत्मा को पाक करने और उसे सीधे रास्ते पर लाने की बड़ी उम्मीद है। यह आयत हमें सिखाती है कि दावत और तबलीग़ में उन लोगों को प्राथमिकता देनी चाहिए जो सीखने और सुधरने की तलब रखते हैं, और किसी भी इंसान को हल्का नहीं समझना चाहिए, क्योंकि अल्लाह के हिदायत देने से किसी को कोई रोक नहीं सकता।
यह आयत हमारे लिए एक बड़ी शिक्षा है कि हमें हर उस इंसान की क़द्र करनी चाहिए जो दीन सीखने और अमल करने की चाहत रखता है, चाहे वह समाज में कितना ही छोटा या कमज़ोर क्यों न हो। अल्लाह तआला के यहाँ इंसान की अज़्मत उसके तक़वा और दीन की समझ पर है, न कि उसकी दुनियावी हैसियत पर। यही वह रास्ता है जो हमें अल्लाह की रहमत और मग़फिरत तक पहुँचाता है, और यही वह नसीहत है जो दिल को ज़िंदा करती है और रूह को तरावत देती है।
📜 आयत 2-6 — अबस
अनुवाद — अबस 4
सूरा अबस आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : या वह नसीहत सुनता तो नसीहत उसके काम आतीसूरा आयत 4/42 — अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अबस सुनें, अबस अनुवाद, अबस mp3, अबस pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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