यूनुस · 46/109
अनुवाद उच्चारण — सूरा यूनुस
وَإِمَّا نُرِيَنَّكَ بَعْضَ الَّذِي نَعِدُهُمْ أَوْ نَتَوَفَّيَنَّكَ فَإِلَيْنَا مَرْجِعُهُمْ ثُمَّ اللَّهُ شَهِيدٌ عَلَىٰ مَا يَفْعَلُونَ ۝٤٦
Wa imma nuriyannaka ba`dal lazee na`iduhum aw natawaffayannaka fa ilainaa marji`uhum summal laahu shaheedun `alaa maa yaf`aloon
📖 हिंदी अर्थ
ऐ रसूल हम जिस जिस (अज़ाब) का उनसे वायदा कर चुके हैं उनमें से बाज़ ख्वाहा तुम्हें दिखा दें या तुमको (पहले ही दुनिया से) उठा ले फिर (आख़िर) तो उन सबको हमारी तरफ लौटना ही है फिर जो कुछ ये लोग कर रहे हैं ख़ुदा तो उस पर गवाह ही है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَإِمَّا نُرِيَنَّكَ: और (ऐ नबी!) यदि हम तुम्हें दिखा दें।
  • بَعْضَ الَّذِي نَعِدُهُمْ: कुछ वह (अज़ाब) जिसका हमने उनसे वादा किया है।
  • أَوْ نَتَوَفَّيَنَّكَ: या (उससे पहले) हम तुम्हें (दुनिया से) उठा लें।
  • فَإِلَيْنَا مَرْجِعُهُمْ: तो हमारी ही ओर उनका लौटना है।
  • شَهِيدٌ: गवाह, देखने वाला, निगरानी करने वाला।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! अल्लाह तआला आपको दो बातों में से एक का विकल्प दे रहा है — या तो वह आपके जीवन में ही उन काफ़िरों और मुख़ालिफ़ों को वह सज़ा दिखा दे, जिसका उनसे वादा किया गया है (जैसे बद्र के युद्ध में अज़ाब आना), या फिर वह आपको उस सज़ा के दिखाए जाने से पहले ही अपने पास उठा ले। इन दोनों हालतों में से कोई भी सूरत हो, उन सबका अंजाम अल्लाह ही की ओर लौटकर जाना है। यानी आपके देखने या न देखने से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता — उनका हिसाब, उनकी सज़ा और उनका बदला अल्लाह के ज़िम्मे है। फिर अल्लाह उनके उन सारे कामों पर गवाह है जो वे दुनिया में करते हैं — चाहे वे छुपकर करें या खुलकर, चाहे वे रात में करें या दिन में। अल्लाह की निगरानी से कोई चीज़ छिपी नहीं है, और वह उन्हें उनके कर्मों का पूरा-पूरा बदला देगा। यहाँ "ثُمَّ" (फिर) का प्रयोग "وَ" (और) के अर्थ में है, यानी यदि आपने दुनिया में उनका अज़ाब नहीं देखा, तो आख़िरत में ज़रूर देखेंगे।


फ़ायदे (उपदेश):

  1. नबी की तसल्ली: इस आयत में अल्लाह ने अपने नबी को तसल्ली दी है कि आप चिंता न करें — सज़ा का वक़्त अल्लाह के हाथ में है। आपका काम केवल पहुँचाना है, बदला लेना अल्लाह का काम है। यह हर दावत-ओ-तब्लीग़ के काम करने वाले के लिए बड़ी ताक़त की बात है।
  2. अल्लाह की निगरानी का एहसास: अल्लाह हर काम पर गवाह है। यह एहसास इंसान को गुनाहों से रोकता है और नेकी पर मज़बूत करता है। जब इंसान जान लेता है कि अल्लाह देख रहा है, तो वह अकेले में भी उस चीज़ से बचता है जो अल्लाह को नापसंद है।
  3. अंजाम का भरोसा: मोमिन को यक़ीन होता है कि ज़ालिम चाहे दुनिया में बच निकले, आख़िरत में उसका हिसाब ज़रूर होगा। यह भरोसा इंसान को सब्र और इस्तिक़ामत (दृढ़ता) पर क़ायम रखता है।
  4. इस्लाम का पैग़ाम: इस्लाम सिखाता है कि बदला लेना अल्लाह का काम है — इंसान को चाहिए कि वह माफ़ करे, दरगुज़र करे और अल्लाह पर भरोसा रखे। यही वह रास्ता है जो दिलों को साफ़ रखता है और समाज में अम्न (शांति) पैदा करता है।


📜 आयत 44-48 — सूरा यूनुस

44إِنَّ اللَّهَ لَا يَظْلِمُ النَّاسَ شَيْئًا وَلَٰكِنَّ النَّاسَ أَنفُسَهُمْ يَظْلِمُونَ
ख़ुदा तो हरगिज़ लोगों पर कुछ भी ज़ुल्म नहीं करता मगर लोग खुद अपने ऊपर (अपनी करतूत से) जुल्म किया करते है
45وَيَوْمَ يَحْشُرُهُمْ كَأَن لَّمْ يَلْبَثُوا إِلَّا سَاعَةً مِّنَ النَّهَارِ يَتَعَارَفُونَ بَيْنَهُمْ ۚ قَدْ خَسِرَ الَّذِينَ كَذَّبُوا بِلِقَاءِ اللَّهِ وَمَا كَانُوا مُهْتَدِينَ
और जिस दिन ख़ुदा इन लोगों को (अपनी बारगाह में) जमा करेगा तो गोया ये लोग (समझेगें कि दुनिया में) बस घड़ी दिन भर ठहरे और आपस में एक दूसरे को पहचानेंगे जिन लोगों ने ख़ुदा की बारगाह में हाज़िर होने को झुठलाया वह ज़रुर घाटे में हैं और हिदायत याफता न थे
46وَإِمَّا نُرِيَنَّكَ بَعْضَ الَّذِي نَعِدُهُمْ أَوْ نَتَوَفَّيَنَّكَ فَإِلَيْنَا مَرْجِعُهُمْ ثُمَّ اللَّهُ شَهِيدٌ عَلَىٰ مَا يَفْعَلُونَ
ऐ रसूल हम जिस जिस (अज़ाब) का उनसे वायदा कर चुके हैं उनमें से बाज़ ख्वाहा तुम्हें दिखा दें या तुमको (पहले ही दुनिया से) उठा ले फिर (आख़िर) तो उन सबको हमारी तरफ लौटना ही है फिर जो कुछ ये लोग कर रहे हैं ख़ुदा तो उस पर गवाह ही है
47وَلِكُلِّ أُمَّةٍ رَّسُولٌ ۖ فَإِذَا جَاءَ رَسُولُهُمْ قُضِيَ بَيْنَهُم بِالْقِسْطِ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ
और हर उम्मत का ख़ास (एक) एक रसूल हुआ है फिर जब उनका रसूल (हमारी बारगाह में) आएगा तो उनके दरमियान इन्साफ़ के साथ फैसला कर दिया जाएगा और उन पर ज़र्रा बराबर ज़ुल्म न किया जाएगा
48وَيَقُولُونَ مَتَىٰ هَٰذَا الْوَعْدُ إِن كُنتُمْ صَادِقِينَ
ये लोग कहा करते हैं कि अगर तुम सच्चे हो तो (आख़िर) ये (अज़ाब का वायदा) कब पूरा होगा
यूनुसकुरान सूची
109आयत
मक्कीअवतरण स्थान
46आयत

अनुवाद — यूनुस 46

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Thursday, October 1, 2026

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