अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُحِقُّ: स्थापित करना, पुष्ट करना, प्रबल बनाना।
- الْحَقَّ: सत्य, सच्चाई।
- بِكَلِمَاتِهِ: अपने फ़रमानों, वादों और क़ुदरती क़ानूनों के माध्यम से।
- الْمُجْرِمُونَ: अपराधी, गुनाहगार, जो जुर्म और नाफ़रमानी में डूबे हों।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस संदर्भ में आई है जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) और फ़िरऔन के जादूगरों के बीच मुक़ाबला हुआ। जादूगरों ने अपना जादू दिखाया, लेकिन अल्लाह ने अपनी क़ुदरत से सत्य को प्रकट कर दिया। इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमा रहे हैं कि अल्लाह अपने कलिमात (फ़रमानों और क़ुदरती क़ानूनों) के ज़रिए सत्य को स्थापित और प्रबल करता है, चाहे अपराधी और गुनाहगार लोग इसे कितना ही नापसंद करें।
अल्लाह का फ़ैसला और उसकी तदबीर हमेशा सत्य के पक्ष में होती है। वह अपने वादों को पूरा करता है, अपने नबियों की मदद करता है और बातिल (झूठ) को मिटा देता है। यह अल्लाह की सुन्नत (रीति) है कि वह सत्य को ऊपर उठाता है, भले ही मुजरिम (अपराधी) लोग इससे नफ़रत करें। फ़िरऔन और उसके साथी इसका जीता-जागता उदाहरण हैं — उन्होंने हर तरह से सत्य को दबाना चाहा, लेकिन अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) के ज़रिए सत्य को प्रकट कर दिया और झूठ को मिटा दिया।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए — वह सत्य को कभी नाकाम नहीं होने देता, चाहे हालात कितने भी विपरीत क्यों न हों।
- सत्य की जीत अल्लाह का वादा है, और यह वादा अटल है। मुसलमान को यक़ीन रखना चाहिए कि अंतिम फ़ैसला अल्लाह के हाथ में है।
- जब सच्चाई और ईमान के साथ खड़े हों, तो दुश्मनों की तादाद या ताक़त से घबराना नहीं चाहिए — अल्लाह की मदद सबसे बड़ी ताक़त है।
- यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि बातिल (असत्य) चाहे कितना भी पुरज़ोर क्यों न हो, वह अल्लाह के कलिमात के सामने टिक नहीं सकता। इसलिए हमेशा हक़ के साथ रहें और अल्लाह के फ़ैसले पर संतुष्ट रहें।
📜 आयत 80-84 — यूनुस
अनुवाद — यूनुस 82
सूरा यूनुस आयत 82 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ख़ुदा सच्ची बात को अपने कलाम की बरकत से…सूरा आयत 82/109 — यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूनुस सुनें, यूनुस अनुवाद, यूनुस mp3, यूनुस pdf. आयत 80–84. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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