Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- غَيَابَةِ الْجُبِّ: कुएँ की गहराई या अंधेरे तल को कहते हैं, जहाँ पानी या अंधकार होता है।
- أَجْمَعُوا: उन्होंने पक्का इरादा कर लिया और एकमत हो गए।
- لَتُنَبِّئَنَّهُم: तुम अवश्य उन्हें बताओगे (भविष्य में)।
तफसीर (व्याख्या):
जब याकूब (अलैहिस्सलाम) ने अपने बेटों के आग्रह पर यूसुफ (अलैहिस्सलाम) को उनके साथ भेज दिया, तो वे उसे दूर ले गए। फिर उन्होंने आपस में पक्का इरादा कर लिया कि उसे कुएँ की गहराई में डाल दें। उन्होंने ऐसा ही किया और उसे अंधेरे कुएँ में फेंक दिया। उसी कठिन घड़ी में अल्लाह ने यूसुफ (अलैहिस्सलाम) को विशेष ज्ञान और दिलासा प्रदान किया, और उन्हें वह़्य (प्रकाशना) दी कि एक दिन तुम इन भाइयों को उनके इस कृत्य की सच्चाई से अवगत कराओगे, जबकि उन्हें इसका एहसास भी नहीं होगा कि यह वही यूसुफ है। यह वह़्य उनके लिए धैर्य और विजय की बशारत (शुभ सूचना) थी, और यह भी संकेत था कि अल्लाह उन्हें ऊँचा उठाएगा और उनके दुश्मनों को नीचा दिखाएगा।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह अपने नेक बंदों को सबसे कठिन परिस्थितियों में भी नहीं भूलता; वह उन्हें सहारा देता है और उनके दिलों को सुकून प्रदान करता है।
- मुसीबत के समय धैर्य और अल्लाह पर भरोसा ही सच्ची कामयाबी की कुंजी है। यूसुफ (अलैहिस्सलाम) की कहानी हमें सिखाती है कि ज़ुल्म के बाद भी अल्लाह की मदद ज़रूर आती है।
- यह घटना बताती है कि अल्लाह की योजना इंसान की चाल से बड़ी होती है; भाइयों ने यूसुफ को कुएँ में डाला, लेकिन अल्लाह ने उसे ऊँचाई तक पहुँचाया।
- इस आयत में ईमानवालों के लिए यह बशारत है कि चाहे दुश्मन कितनी भी साज़िश करें, अल्लाह अपने बंदों की हिफ़ाज़त करता है और उन्हें बुराई से निकालकर भलाई की ओर ले जाता है।
- यहूसुफ (अलैहिस्सलाम) की यह भविष्यवाणी (कि वह उन्हें उनके कृत्य की सच्चाई बताएगा) उनके नबुव्वत (पैग़म्बरी) का प्रमाण है, और यह हमें सिखाता है कि अल्लाह के वादे कभी झूठे नहीं होते।
📜 आयत 13-17 — सूरा यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 15
सूरा यूसुफ आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ यूसुफ को जब ये लोग ले गए और इस…सूरा आयत 15/111 — सूरा यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूसुफ सुनें, सूरा यूसुफ अनुवाद, सूरा यूसुफ mp3, सूरा यूसुफ pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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