Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاسْتَجَابَ لَهُ رَبُّهُ: उसके रब ने उसकी प्रार्थना स्वीकार कर ली।
- فَصَرَفَ عَنْهُ كَيْدَهُنَّ: उन (स्त्रियों) की चालाकी/साजिश को उससे दूर कर दिया।
- السَّمِيعُ: सब कुछ सुनने वाला।
- العَلِيمُ: सब कुछ जानने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने अपने रब से प्रार्थना की कि वह उन्हें उन स्त्रियों के जाल से बचाए और उनकी चालाकी का शिकार न होने दे, तो अल्लाह ने उनकी यह प्रार्थना स्वीकार कर ली। अल्लाह ने उन स्त्रियों की साजिश और चाल को यूसुफ़ से दूर कर दिया, और उन्हें उस गुनाह से बचा लिया जिसकी ओर वे उन्हें खींच रही थीं। यह अल्लाह की विशेष कृपा और सुरक्षा थी जो उसने अपने नेक बंदे पर की।
निस्संदेह अल्लाह ही है जो सब कुछ सुनने वाला है — वह यूसुफ़ की दुआ को सुनता है और हर उस बंदे की दुआ को सुनता है जो उससे माँगता है। वह सब कुछ जानने वाला है — वह यूसुफ़ की हालत, उनकी ज़रूरत और उनके दिल की पाकीज़गी को जानता है, और वह हर बंदे की हालत और उसके लिए जो बेहतर है उसे भी जानता है। इसलिए उसने यूसुफ़ को उस मुसीबत से निकाला और उन्हें इज़्ज़त और सफलता प्रदान की।
फ़ायदे (सबक):
- दुआ की ताक़त: यह आयत हमें सिखाती है कि जब बंदा सच्चे दिल से अल्लाह से दुआ करता है, तो अल्लाह उसकी दुआ ज़रूर सुनता है और उसे मुसीबतों से निकालता है। यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) की दुआ ने उन्हें बड़ी आज़माइश से बचाया।
- अल्लाह पर भरोसा: मुसीबत के समय अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और उसी से मदद माँगनी चाहिए, क्योंकि वही सब कुछ सुनने और जानने वाला है।
- गुनाह से बचाव: यह आयत बताती है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को गुनाह से बचाता है, बशर्ते वे उसकी ओर रुजू करें और उससे पनाह माँगें।
- अल्लाह की कृपा: अल्लाह अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है; जब वे उसकी ओर मुड़ते हैं, तो वह उनके लिए रास्ते खोलता है और उन्हें सफलता देता है।
- पाकीज़गी का इनाम: जो व्यक्ति अपनी पाकीज़गी और ईमान की हिफ़ाज़त के लिए अल्लाह से दुआ करता है, अल्लाह उसे दुनिया और आख़िरत दोनों में इज़्ज़त देता है।
📜 आयत 32-36 — सूरा यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 34
सूरा यूसुफ आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो उनके परवरदिगार ने उनकी सुन ली और उन औरतों…सूरा आयत 34/111 — सूरा यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूसुफ सुनें, सूरा यूसुफ अनुवाद, सूरा यूसुफ mp3, सूरा यूसुफ pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


