अल-हिज्र · 28/99
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हिज्र
وَإِذْ قَالَ رَبُّكَ لِلْمَلَائِكَةِ إِنِّي خَالِقٌ بَشَرًا مِّن صَلْصَالٍ مِّنْ حَمَإٍ مَّسْنُونٍ ۝٢٨
Wa iz qaala Rabbuka lilmalaaa` ikati innee khaaliqum basharam min salsaalim min hama im masnoon
📖 हिंदी अर्थ
और (ऐ रसूल वह वक्त याद करो) जब तुम्हारे परवरदिगार ने फरिश्तों से कहा कि मैं एक आदमी को खमीर दी हुई मिट्टी से (जो सूखकर) खन खन बोलने लगे पैदा करने वाला हूँ

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • صَلْصَالٍ (सल्साल): सूखी हुई मिट्टी जो बजने पर आवाज़ करे, यानी खनकने वाली खुश्क मिट्टी।
  • حَمَإٍ (हमअिन): काली और सड़ी हुई मिट्टी जिसका रंग बदल गया हो।
  • مَسْنُونٍ (मस्नून): वह मिट्टी जिसका रूप बदल गया हो और उसमें से बदबू आती हो, या वह मिट्टी जिसे सांचे में ढाला गया हो।

तफसीर (व्याख्या):

हे नबी! उस समय को याद करो जब आपके रब ने फ़रिश्तों से कहा था—और इबलीस भी उन्हीं के साथ था—कि "मैं एक इंसान को पैदा करने वाला हूँ।" वह इंसान आदम (अलैहिस्सलाम) हैं। उन्हें मैं सूखी हुई खनकती मिट्टी से बनाऊँगा, और वह मिट्टी उस काली, सड़ी हुई और बदबूदार मिट्टी से ली जाएगी जिसका रंग और रूप बदल चुका होगा। यह बयान अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) और उसके अद्भुत कारीगरी को दिखाता है कि उसने इंसान को ऐसी साधारण और तुच्छ चीज़ से पैदा किया, फिर उसे सबसे उत्तम और सम्मानित बनाया। यह घटना आदम (अलैहिस्सलाम) की पैदाइश से पहले की है, और इसका ज़िक्र इसलिए किया गया ताकि इंसान अपनी असलियत को समझे और अल्लाह के सामने अपनी बड़ाई न करे।


फ़ायदे (सीख):

  1. विनम्रता की सीख: यह आयत इंसान को याद दिलाती है कि उसकी पैदाइश एक साधारण और तुच्छ मिट्टी से हुई है। इसलिए उसे कभी घमंड नहीं करना चाहिए, बल्कि अपने रब के सामने झुकना चाहिए और उसकी नेमतों का शुक्र अदा करना चाहिए।
  2. अल्लाह की क़ुदरत पर ईमान: जिस अल्लाह ने बदबूदार मिट्टी से इतना प्यारा और सुंदर इंसान बनाया, वह निश्चित रूप से मुर्दों को दोबारा ज़िंदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर (सक्षम) है। यह आयत क़ियामत (प्रलय) के दिन पर ईमान को मज़बूत करती है।
  3. इंसान की इज़्ज़त: अल्लाह ने इंसान को मिट्टी से बनाकर उसे इतनी ऊँचाई दी कि फ़रिश्तों को उसे सजदा करने का हुक्म दिया। यह दिखाता है कि इंसान अल्लाह की नज़र में कितना सम्मानित है, बशर्ते वह अपनी इस इज़्ज़त को अल्लाह की इबादत और अच्छे कामों से बनाए रखे।
  4. इबलीस के धोखे से बचाव: इस आयत के आगे वाली आयतों में इबलीस के घमंड और अवज्ञा का ज़िक्र आता है। यह हमें सिखाता है कि शैतान हमेशा इंसान को गुमराह करने की कोशिश में है, इसलिए हमें उसके धोखों से बचकर अल्लाह की राह पर चलना चाहिए।


📜 आयत 26-30 — सूरा अल-हिज्र

26وَلَقَدْ خَلَقْنَا الْإِنسَانَ مِن صَلْصَالٍ مِّنْ حَمَإٍ مَّسْنُونٍ
और बेशक हम ही ने आदमी को ख़मीर (गुंधी) दी हुईसड़ी मिट्टी से जो (सूखकर) खन खन बोलने लगे पैदा किया
27وَالْجَانَّ خَلَقْنَاهُ مِن قَبْلُ مِن نَّارِ السَّمُومِ
और हम ही ने जिन्नात को आदमी से (भी) पहले वे धुएँ की तेज़ आग से पैदा किया
28وَإِذْ قَالَ رَبُّكَ لِلْمَلَائِكَةِ إِنِّي خَالِقٌ بَشَرًا مِّن صَلْصَالٍ مِّنْ حَمَإٍ مَّسْنُونٍ
और (ऐ रसूल वह वक्त याद करो) जब तुम्हारे परवरदिगार ने फरिश्तों से कहा कि मैं एक आदमी को खमीर दी हुई मिट्टी से (जो सूखकर) खन खन बोलने लगे पैदा करने वाला हूँ
29فَإِذَا سَوَّيْتُهُ وَنَفَخْتُ فِيهِ مِن رُّوحِي فَقَعُوا لَهُ سَاجِدِينَ
तो जिस वक्त मै उसको हर तरह से दुरुस्त कर चुके और उसमें अपनी (तरफ से) रुह फूँक दूँ तो सब के सब उसके सामने सजदे में गिर पड़ना
30فَسَجَدَ الْمَلَائِكَةُ كُلُّهُمْ أَجْمَعُونَ
ग़रज़ फरिश्ते तो सब के सब सर ब सजूद हो गए
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीअवतरण स्थान
28आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 28

सूरा अल-हिज्र आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल वह वक्त याद करो) जब तुम्हारे परवरदिगार…

सूरा आयत 28/99 — सूरा अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हिज्र सुनें, सूरा अल-हिज्र अनुवाद, सूरा अल-हिज्र mp3, सूरा अल-हिज्र pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Saturday, October 3, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए