अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- नَصَبٌ: थकान, परिश्रम, कष्ट या मेहनत।
- بِمُخْرَجِينَ: निकाले जाने वाले।
व्याख्या:
इस आयत में अल्लाह तआला ने अपने डरने वाले और नेक बंदों की उस नेमत का वर्णन किया है जो उन्हें जन्नत में मिलेगी। जो लोग अल्लाह के आदेशों का पालन करते हैं और उसकी मनाही से बचते हैं, उनसे कहा जाएगा कि इस जन्नत में सलामती और अमन के साथ दाखिल हो जाओ। वहाँ उन्हें कोई थकान, कष्ट या परेशानी नहीं पहुँचेगी। न उनके शरीर को कोई मेहनत होगी और न उनके दिल को कोई ग़म। साथ ही, उन्हें वहाँ से कभी निकाला नहीं जाएगा, बल्कि वे हमेशा के लिए उसमें रहेंगे। यह उनके लिए पूरी नेमत है कि न तो वहाँ कोई दुख है और न ही निकलने का डर। उनका जीवन सुख, आराम और हमेशा रहने वाला होगा, जिसमें कोई कमी या अंत नहीं।
फ़ायदे:
- इस आयत से पता चलता है कि जन्नत की नेमतें किसी भी प्रकार के कष्ट से पाक हैं। वहाँ न थकान होगी, न बीमारी, न ग़म और न ही कोई परेशानी। यह अल्लाह की ओर से उसके नेक बंदों के लिए एक बड़ा इनाम है।
- जन्नत में हमेशा रहना और वहाँ से कभी न निकाला जाना, मोमिन के लिए सबसे बड़ी खुशी की बात है। यह अल्लाह की रहमत और उसके वादे की सच्चाई को दर्शाता है कि वह अपने बंदों को कभी निराश नहीं करता।
- यह आयत मुसलमानों को अल्लाह की इबादत और उसकी आज्ञा का पालन करने की प्रेरणा देती है, क्योंकि इसका नतीजा ऐसी जगह है जहाँ कोई दुख नहीं और जहाँ से कभी निकलना नहीं पड़ेगा।
- इससे यह भी समझ आता है कि दुनिया की मेहनत और कष्ट अस्थायी हैं, जबकि आख़िरत का सुख और आराम हमेशा रहने वाला है। इसलिए बुद्धिमान वही है जो इस अस्थायी जीवन में अल्लाह की रज़ा के लिए काम करे।
📜 आयत 46-50 — अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 48
सूरा अल-हिज्र आयत 48 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उनको बेहश्त में तकलीफ छुएगी भी तो नहीं और न…सूरा आयत 48/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 46–50. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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