अल-हिज्र · 73/99
अनुवाद उच्चारण — अल-हिज्र
فَأَخَذَتْهُمُ الصَّيْحَةُ مُشْرِقِينَ ۝٧٣
Fa akhazat humus saihatu mushriqeen
📖 हिंदी अर्थ
(लूत की सुनते काहे को) ग़रज़ सूरज निकलते निकलते उनको (बड़े ज़ोरो की) चिघाड़ न ले डाला
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • الصَّيْحَةُ: अत्यंत भयानक और प्रलयंकारी चीख या आवाज़, जो अचानक आकर सब कुछ तबाह कर देती है। यहाँ यह जिब्रील अलैहिस्सलाम की वह दहाड़ है जो अल्लाह के आदेश से निकली।
  • مُشْرِقِينَ: सूर्योदय के समय, यानी जब सूरज निकल रहा था।

विस्तृत व्याख्या:

जब हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की क़ौम ने हर चेतावनी को ठुकरा दिया और अपनी शरारतों और बुराइयों पर अड़ी रही, तो अल्लाह का अज़ाब आ गया। सुबह का समय था, सूरज की पहली किरणें फूट रही थीं कि अचानक एक भयानक चीख़ ने उन्हें अपनी लपेट में ले लिया। यह कोई साधारण आवाज़ नहीं थी, बल्कि जिब्रील अलैहिस्सलाम की वह दहाड़ थी जिसने उनके दिलों को चकनाचूर कर दिया और उनकी साँसें रोक दीं। यह अज़ाब सुबह की शुरुआत में शुरू हुआ और सूर्योदय के साथ पूरा हो गया। उनका पूरा इलाक़ा उलट दिया गया, और वे अपने घरों में इस हालत में पाए गए कि जैसे वे कभी वहाँ बसे ही नहीं थे। यह उनकी हठधर्मिता और नबी के साथ मज़ाक़ करने का सीधा परिणाम था।

उपदेश और लाभ:

  1. अल्लाह का अज़ाब कभी-कभी इतना अचानक आता है कि इंसान को मौका ही नहीं मिलता कि वह तौबा कर सके। इसलिए हमें हर पल अल्लाह की नाराज़गी से बचना चाहिए और नेकी पर स्थिर रहना चाहिए।
  2. यह घटना हमें सिखाती है कि अल्लाह के नबियों और उनकी शिक्षाओं का मज़ाक़ उड़ाना कितना बड़ा गुनाह है। जो लोग ऐसा करते हैं, वे अल्लाह के अज़ाब से नहीं बच सकते।
  3. सूर्योदय का समय, जो आम तौर पर रहमत और रोज़ी का समय होता है, उसी समय अज़ाब आना दिखाता है कि अल्लाह की पकड़ किसी समय या स्थान की पाबंद नहीं है। हमें हर वक़्त उसकी तरफ़ ध्यान देना चाहिए।
  4. यह क़िस्सा हमें बताता है कि अल्लाह अपने नेक बंदों की हिफ़ाज़त करता है। जहाँ क़ौम पर अज़ाब आया, वहीं हज़रत लूत अलैहिस्सलाम और उनके साथी बचा लिए गए। यह हमारे लिए इस बात की खुशखबरी है कि अगर हम अल्लाह के फरमानों पर चलेंगे, तो वह हमें हर मुसीबत से निकाल लेगा।
  5. इस आयत से यह भी सबक मिलता है कि इंसान को अपनी ताक़त और तादाद पर घमंड नहीं करना चाहिए। यह क़ौम बड़ी ताक़तवर थी, लेकिन एक चीख़ ने उन्हें मिटा दिया। हमें अपनी ताक़त अल्लाह की तरफ़ से समझनी चाहिए और उसी की इबादत में लगे रहना चाहिए।
🎧 सुनें

📜 आयत 71-75 — अल-हिज्र

71قَالَ هَٰؤُلَاءِ بَنَاتِي إِن كُنتُمْ فَاعِلِينَ
लूत ने कहा अगर तुमको (ऐसा ही) करना है तो ये मेरी क़ौम की बेटियाँ मौजूद हैं
72لَعَمْرُكَ إِنَّهُمْ لَفِي سَكْرَتِهِمْ يَعْمَهُونَ
(इनसे निकाह कर लो) ऐ रसूल तुम्हारी जान की कसम ये लोग (क़ौम लूत) अपनी मस्ती में मदहोश हो रहे थे
73فَأَخَذَتْهُمُ الصَّيْحَةُ مُشْرِقِينَ
(लूत की सुनते काहे को) ग़रज़ सूरज निकलते निकलते उनको (बड़े ज़ोरो की) चिघाड़ न ले डाला
74فَجَعَلْنَا عَالِيَهَا سَافِلَهَا وَأَمْطَرْنَا عَلَيْهِمْ حِجَارَةً مِّن سِجِّيلٍ
फिर हमने उसी बस्ती को उलट कर उसके ऊपर के तबके क़ो नीचे का तबक़ा बना दिया और उसके ऊपर उन पर खरन्जे के पत्थर बरसा दिए इसमें शक़ नहीं कि इसमें (असली बात के) ताड़ जाने वालों के लिए (कुदरते ख़ुदा की) बहुत सी निशानियाँ हैं
75إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّلْمُتَوَسِّمِينَ
और वह उलटी हुई बस्ती हमेशा (की आमदरफ्त)
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीRevelation
73आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 73

सूरा अल-हिज्र आयत 73 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (लूत की सुनते काहे को) ग़रज़ सूरज निकलते निकलते उनको…

सूरा आयत 73/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 71–75. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए