अल-हिज्र · 89/99
अनुवाद उच्चारण — अल-हिज्र
وَقُلْ إِنِّي أَنَا النَّذِيرُ الْمُبِينُ ۝٨٩
Wa qul inneee anan nazeerul mubeen
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) उन कुफ्फारों पर इस तरह अज़ाब नाज़िल करेगें जिस तरह हमने उन लोगों पर नाज़िल किया
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • النَّذِيرُ: डराने वाला, सचेत करने वाला।
  • الْمُبِينُ: स्पष्ट, प्रत्यक्ष, जो अपनी चेतावनी को खुले और साफ़ तरीके से पेश करे।

व्याख्या:

हे नबी! आप लोगों से कह दीजिए: “मैं स्पष्ट रूप से सचेत करने वाला हूँ।” मेरी चेतावनी कोई छिपी या अस्पष्ट बात नहीं है, बल्कि मैं तुम्हें उस अज़ाब से डराता हूँ जो उन लोगों पर आ चुका है जिन्होंने क़ुरआन को टुकड़ों में बाँटा—कुछ पर ईमान लाए और कुछ को झुठलाया। मैं तुम्हें उस आग और यातना से आगाह करता हूँ जो अल्लाह ने पहले के ज़ालिमों पर नाज़िल की थी, ताकि तुम उस रास्ते को अपनाओ जो तुम्हें ईमान और अल्लाह की रहमत तक पहुँचाए। मेरी नबूवत और चेतावनी का मक़सद सिर्फ़ तुम्हें सीधा रास्ता दिखाना और अल्लाह के दीन की तरफ़ बुलाना है, और यह मेरा फ़र्ज़ है कि मैं इसे पूरी वुज़ाहत के साथ तुम तक पहुँचाऊँ।

फ़ायदे:

  1. इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह के नबी का काम सिर्फ़ डराना नहीं, बल्कि स्पष्ट और खुले दिल से लोगों को सच्चाई से आगाह करना है—चाहे लोग सुनें या न सुनें।
  2. यह हमें बताती है कि ईमान का तक़ाज़ा यह है कि हम क़ुरआन को पूरा मानें, न कि उसमें से कुछ चुनें और कुछ छोड़ दें। जो लोग ऐसा करते हैं, वे अल्लाह के अज़ाब के हक़दार बनते हैं।
  3. यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि सच्चाई को बयान करने में स्पष्टता और साहस चाहिए—डर या लोभ के बिना, क्योंकि नबी का मिशन ही यही था कि वह लोगों को अल्लाह की तरफ़ बुलाएँ और उन्हें अंजाम-ए-आख़िरत से आगाह करें।
  4. इससे मुसलमानों को यह पैग़ाम मिलता है कि हमें भी अपने आस-पास के लोगों को नेकी की तरफ़ बुलाना चाहिए और उन्हें बुराई के अंजाम से डराना चाहिए, लेकिन हमेशा हिकमत और स्पष्टता के साथ।
🎧 सुनें

📜 आयत 87-91 — अल-हिज्र

87وَلَقَدْ آتَيْنَاكَ سَبْعًا مِّنَ الْمَثَانِي وَالْقُرْآنَ الْعَظِيمَ
(बड़ा दाना व बीना है) और हमने तुमको सबए मसानी (सूरे हम्द) और क़ुरान अज़ीम अता किया है
88لَا تَمُدَّنَّ عَيْنَيْكَ إِلَىٰ مَا مَتَّعْنَا بِهِ أَزْوَاجًا مِّنْهُمْ وَلَا تَحْزَنْ عَلَيْهِمْ وَاخْفِضْ جَنَاحَكَ لِلْمُؤْمِنِينَ
और हमने जो उन कुफ्फारों में से कुछ लोगों को (दुनिया की) माल व दौलत से निहाल कर दिया है तुम उसकी तरफ हरगिज़ नज़र भी न उठाना और न उनकी (बेदीनी) पर कुछ अफसोस करना और ईमानदारों से (अगरचे ग़रीब हो) झुककर मिला करो और कहा दो कि मै तो (अज़ाबे ख़ुदा से) सरीही तौर से डराने वाला हूँ
89وَقُلْ إِنِّي أَنَا النَّذِيرُ الْمُبِينُ
(ऐ रसूल) उन कुफ्फारों पर इस तरह अज़ाब नाज़िल करेगें जिस तरह हमने उन लोगों पर नाज़िल किया
90كَمَا أَنزَلْنَا عَلَى الْمُقْتَسِمِينَ
जिन्होंने क़ुरान को बॉट कर टुकडे टुकड़े कर डाला
91الَّذِينَ جَعَلُوا الْقُرْآنَ عِضِينَ
(बाज़ को माना बाज को नहीं) तो ऐ रसूल तुम्हारे ही परवरदिगार की (अपनी) क़सम
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीRevelation
89आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 89

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सूरा आयत 89/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 87–91. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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