अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تُسِرُّونَ: तुम छिपाते हो, अपने दिलों में रखते हो।
- تُعْلِنُونَ: तुम प्रकट करते हो, ज़ाहिर करते हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला को हर चीज़ का पूर्ण ज्ञान है। वह उन सभी बातों को जानता है जिन्हें तुम अपने दिलों में छिपाते हो, चाहे वे विचार हों, इरादे हों या भीतरी अवस्थाएँ — और वह उन सभी कार्यों और बातों को भी जानता है जिन्हें तुम अपनी ज़ुबान से बोलते हो या अपने अंगों से करते हो। उसके ज्ञान से कोई भी चीज़ छिपी नहीं है, न छोटी और न बड़ी। वह तुम्हारे अंदरूनी और बाहरी हालात से पूरी तरह अवगत है। यही नहीं, वह तुम्हारे इन सारे कर्मों का हिसाब लेगा और उनका पूरा बदला देगा — अच्छे कर्मों का अच्छा बदला और बुरे कर्मों का बुरा बदला। यह आयत अल्लाह के उस ज्ञान की याद दिलाती है जो हर समय हमारे साथ है, चाहे हम अकेले हों या लोगों के बीच।
फ़ायदे (सीख):
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह की निगरानी हम पर हर वक़्त है — हमारे छिपे और खुले सभी काम उसके सामने हैं। यह एहसास इंसान को गुनाहों से बचाता है और उसे सच्चाई और ईमानदारी पर चलने की ताक़त देता है।
- यह जानना कि अल्लाह हमारे दिल की बातें भी जानता है, हमें अल्लाह से नज़दीकी का एहसास कराता है। जब हम अकेले में उससे दुआ करते हैं या उससे बातें करते हैं, तो वह हमें सुनता और जानता है — यह एक बहुत बड़ी तसल्ली और सुकून की बात है।
- यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हमारे अंदर और बाहर में फ़र्क़ नहीं होना चाहिए। जो हम दिल में रखते हैं और जो ज़ुबान से कहते हैं, वह एक जैसा होना चाहिए — यही ईमान की निशानी है।
- अल्लाह का यह ज्ञान हमें याद दिलाता है कि हमारे हर अच्छे काम का बदला अल्लाह के पास सुरक्षित है, चाहे लोग उसे जानें या न जानें। यह नेकी पर चलने की प्रेरणा देता है और हमें निराशा से बचाता है।
📜 आयत 17-21 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 19
सूरा अन-नहल आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक ख़ुदा बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है कि (तुम्हारी नाफरमानी…सूरा आयत 19/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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