अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- إِلَّا رَحْمَةً – लेकिन यह आपके रब की विशेष दया और कृपा से हुआ।
- فَضْلَهُ – उसका अनुग्रह और उपकार।
- كَبِيرًا – बहुत बड़ा और असीम।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को संबोधित करते हुए फ़रमा रहे हैं कि यदि हम चाहते तो जो कुछ आप पर उतारा गया है (यानी क़ुरआन) उसे उठा लेते, और आपके पास उसे वापस लाने का कोई साधन न होता। लेकिन हमने ऐसा नहीं किया, बल्कि इसे आपके सीने में महफ़ूज़ रखा और आपकी उम्मत तक पहुँचाने का ज़रिया बनाया। यह सब कुछ सिर्फ़ और सिर्फ़ आपके रब की रहमत और मेहरबानी से हुआ है।
अल्लाह तआला का आप पर बड़ा फज़ल है—उसने आपको आख़िरी नबी बनाया, आप पर क़ुरआन जैसी अज़ीम किताब उतारी, आपको शफ़ाअत का मुक़ाम अता किया, और आपकी उम्मत को दुनिया और आख़िरत की भलाइयाँ दीं। यह सब उसकी दया का नतीजा है, जो हर मुसलमान के लिए रहमत और बरकत का ज़रिया बना।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत उसके बंदों पर कितनी बड़ी है। जब उसने अपने नबी ﷺ पर इतना बड़ा एहसान किया कि क़ुरआन को महफ़ूज़ रखा, तो हमें भी इस क़ुरआन की क़द्र करनी चाहिए, इसे पढ़ना चाहिए, समझना चाहिए और अपनी ज़िंदगी में लागू करना चाहिए। यह किताब हमारे लिए रहमत है, अगर हम इसे अपनाएँ तो हमारी दुनिया और आख़िरत दोनों सँवर सकती हैं। अल्लाह का फज़ल असीम है, और उसकी रहमत से हमें कभी निराश नहीं होना चाहिए। हमें चाहिए कि हम उसके इस एहसान का शुक्र अदा करें और उसकी राह पर चलें।
📜 आयत 85-89 — अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 87
सूरा अल-इसरा आयत 87 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मगर ये सिर्फ तुम्हारे परवरदिगार की रहमत है (कि उसने…सूरा आयत 87/111 — अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इसरा सुनें, अल-इसरा अनुवाद, अल-इसरा mp3, अल-इसरा pdf. आयत 85–89. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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