मरियम · 20/98
अनुवाद उच्चारण — मरियम
قَالَتْ أَنَّىٰ يَكُونُ لِي غُلَامٌ وَلَمْ يَمْسَسْنِي بَشَرٌ وَلَمْ أَكُ بَغِيًّا ۝٢٠
Qaalat anna yakoonu lee ghulaamunw wa lam yamsasnee bashrunw wa lam aku baghiyyaa
📖 हिंदी अर्थ
मरियम ने कहा मुझे लड़का क्योंकर हो सकता है हालाँकि किसी मर्द ने मुझे छुआ तक नहीं है औ मैं न बदकार हूँ
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَنَّى (अन्ना): कैसे, किस तरह से
  • يَكُونُ لِي غُلَامٌ: मेरे लिए बच्चा होगा
  • يَمْسَسْنِي بَشَرٌ: किसी इंसान ने मुझे छुआ हो (विवाह के संबंध में)
  • بَغِيًّا: व्यभिचारिणी, बदचलन औरत

विस्तृत तफ़सीर:

जब फ़रिश्ते ने मरियम (अलैहिस्सलाम) को एक पाक और नेक बेटे की खुशखबरी सुनाई, तो वह हैरान रह गईं। उन्होंने स्वाभाविक प्रश्न किया: "मेरे लिए बच्चा कैसे हो सकता है, जबकि मुझे किसी पुरुष ने छुआ तक नहीं और न ही मैं कोई बदचलन औरत हूँ?"

यह प्रश्न उनकी पवित्रता और सच्चाई का प्रमाण था। वह जानती थीं कि आम तौर पर बच्चे का जन्म विवाह या किसी गलत संबंध से होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उनका विवाह हुआ है और न ही वह कभी व्यभिचार में पड़ी हैं। यह उनकी पाकदामनी और परहेज़गारी की गवाही थी।

यहाँ मरियम (अलैहिस्सलाम) का सवाल इनकार या शक की वजह से नहीं था, बल्कि यह अल्लाह की कुदरत पर हैरानी और जानने की कोशिश थी कि यह कैसे होगा। वह जानती थीं कि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है, लेकिन इंसानी फ़ितरत के तहत उन्होंने यह सवाल किया।

इस आयत में हमें मरियम (अलैहिस्सलाम) की पाकीज़गी और उनके उच्च चरित्र की झलक मिलती है। वह एक ऐसी नेक और पاکدامन औरत थीं जिन्हें अल्लाह ने दुनिया की सभी औरतों से बेहतर बनाया। उनका यह जवाब हमें सिखाता है कि इंसान को अपनी पवित्रता और इज़्ज़त का ख़याल रखना चाहिए और हमेशा सच्चाई और नेकी पर क़ायम रहना चाहिए।

यह आयत हमें अल्लाह की कुदरत पर ग़ौर करने की तरफ़ भी ले जाती है। अल्लाह जब कुछ करना चाहता है, तो उसके लिए कोई रुकावट नहीं होती। बिना बाप के बच्चे का पैदा होना अल्लाह की क़ुदरत का एक बड़ा नमूना है, जो हमें याद दिलाता है कि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है। यह हमारे ईमान को मज़बूत करता है और हमें सिखाता है कि अल्लाह पर पूरा भरोसा रखें, चाहे हालात कितने भी नामुमकिन क्यों न लगें।

मरियम (अलैहिस्सलाम) की यह दास्तान हमें सब्र, भरोसा और अल्लाह की रहमत पर यक़ीन रखने का सबक देती है। जब अल्लाह किसी बंदे को कोई मुश्किल काम देता है, तो वह उसके साथ होता है और उसे रास्ता दिखाता है। हमें भी अपनी ज़िंदगी में अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और उसकी रहमत से कभी निराश नहीं होना चाहिए।

🎧 सुनें

📜 आयत 18-22 — मरियम

18قَالَتْ إِنِّي أَعُوذُ بِالرَّحْمَٰنِ مِنكَ إِن كُنتَ تَقِيًّا
(वह उसको देखकर घबराई और) कहने लगी अगर तू परहेज़गार है तो मैं तुझ से खुदा की पनाह माँगती हूँ
19قَالَ إِنَّمَا أَنَا رَسُولُ رَبِّكِ لِأَهَبَ لَكِ غُلَامًا زَكِيًّا
(मेरे पास से हट जा) जिबरील ने कहा मैं तो साफ़ तुम्हारे परवरदिगार का पैग़मबर (फ़रिश्ता) हूँ ताकि तुमको पाक व पाकीज़ा लड़का अता करूँ
20قَالَتْ أَنَّىٰ يَكُونُ لِي غُلَامٌ وَلَمْ يَمْسَسْنِي بَشَرٌ وَلَمْ أَكُ بَغِيًّا
मरियम ने कहा मुझे लड़का क्योंकर हो सकता है हालाँकि किसी मर्द ने मुझे छुआ तक नहीं है औ मैं न बदकार हूँ
21قَالَ كَذَٰلِكِ قَالَ رَبُّكِ هُوَ عَلَيَّ هَيِّنٌ ۖ وَلِنَجْعَلَهُ آيَةً لِّلنَّاسِ وَرَحْمَةً مِّنَّا ۚ وَكَانَ أَمْرًا مَّقْضِيًّا
जिबरील ने कहा तुमने कहा ठीक (मगर) तुम्हारे परवरदिगार ने फ़रमाया है कि ये बात (बे बाप के लड़का पैदा करना) मुझ पर आसान है ताकि इसको (पैदा करके) लोगों के वास्ते (अपनी क़ुदरत की) निशानी क़रार दें और अपनी ख़ास रहमत का ज़रिया बनायें
22۞ فَحَمَلَتْهُ فَانتَبَذَتْ بِهِ مَكَانًا قَصِيًّا
और ये बात फैसला शुदा है ग़रज़ लड़के के साथ वह आप ही आप हामेला हो गई फिर इसकी वजह से लोगों से अलग एक दूर के मकान में चली गई
मरियमकुरान सूची
98आयत
मक्कीRevelation
20आयत

अनुवाद — मरियम 20

सूरा मरियम आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मरियम ने कहा मुझे लड़का क्योंकर हो सकता है हालाँकि…

सूरा आयत 20/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए