अल-बकरा · 116/286
अनुवाद उच्चारण — अल-बकरा
وَقَالُوا اتَّخَذَ اللَّهُ وَلَدًا ۗ سُبْحَانَهُ ۖ بَل لَّهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۖ كُلٌّ لَّهُ قَانِتُونَ ۝١١٦
Wa qaalut takhazal laahu waladan subhaanahoo bal lahoo maa fis samaawaati wal ardi kullul lahoo qaanitoon
📖 हिंदी अर्थ
और यहूद कहने लगे कि खुदा औलाद रखता है हालाँकि वह (इस बखेड़े से) पाक है बल्कि जो कुछ ज़मीन व आसमान में है सब उसी का है और सब उसकी के फरमाबरदार हैं
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • اتَّخَذَ – बनाया, अपनाया
  • وَلَدًا – बेटा, संतान
  • سُبْحَانَهُ – वह पाक है, वह इससे मुक्त और पवित्र है
  • قَانِتُونَ – आज्ञाकारी, विनम्र, अधीन

व्याख्या:

यहूदियों, ईसाइयों और बहुदेववादियों (मुशरिकों) ने कहा कि अल्लाह ने अपने लिए एक बेटा बना लिया है। यहूदियों ने कहा कि उज़ैर अल्लाह का बेटा है, ईसाइयों ने कहा कि मसीह (ईसा अलैहिस्सलाम) अल्लाह का बेटा है, और मुशरिक अरबों ने कहा कि फ़रिश्ते अल्लाह की बेटियाँ हैं। अल्लाह इन सब झूठे और अपमानजनक विचारों से बिल्कुल पाक और पवित्र है। वह किसी का मोहताज नहीं कि उसे संतान की आवश्यकता हो, क्योंकि संतान की ज़रूरत उसे होती है जो अकेला और कमज़ोर हो। अल्लाह तो सबसे बेनियाज़ (बेपरवाह) है।

अल्लाह का कहना है कि आसमानों और ज़मीन में जो कुछ भी है, वह सब उसी की मिल्कियत है और सब उसी के बंदे हैं। सारी मख़लूक़ात उसी की ग़ुलाम हैं, उसी के हुक्म के ताबे हैं। हर चीज़ उसी की आज्ञा का पालन करती है और उसी के इशारे पर चलती है। कोई भी उसका हमसर या साझीदार नहीं है, न कोई उसकी संतान है और न वह किसी का पिता है। सब कुछ उसी के अधीन है और सब उसी के सामने झुका हुआ है।

लाभ और शिक्षाएँ:

  1. अल्लाह हर उस बात से पाक है जो उसकी शान के खिलाफ हो। उसके लिए संतान का होना असंभव है, क्योंकि संतान तो सृष्टि और प्रजनन की प्रक्रिया से होती है, जबकि अल्लाह किसी से पैदा नहीं हुआ और न ही उसने किसी को जन्म दिया।
  2. यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की बड़ाई और पवित्रता का ख्याल रखें। उसके बारे में ऐसी कोई बात न कहें जो उसकी शान के लायक न हो।
  3. पूरी कायनात अल्लाह की मिल्कियत है और हर चीज़ उसी की आज्ञा में है। यह हमें सिखाता है कि हम भी अपने रब के आज्ञाकारी बंदे बनें और उसकी इबादत में झुकें, जैसे पूरी सृष्टि उसके सामने विनम्र है।
  4. अल्लाह की बेनियाज़ी (बेपरवाही) पर विश्वास हमें उसी से माँगने की तरफ ले जाता है, क्योंकि वही सब कुछ देने वाला है और उसे किसी की ज़रूरत नहीं।
🎧 सुनें

📜 आयत 114-118 — अल-बकरा

114وَمَنْ أَظْلَمُ مِمَّن مَّنَعَ مَسَاجِدَ اللَّهِ أَن يُذْكَرَ فِيهَا اسْمُهُ وَسَعَىٰ فِي خَرَابِهَا ۚ أُولَٰئِكَ مَا كَانَ لَهُمْ أَن يَدْخُلُوهَا إِلَّا خَائِفِينَ ۚ لَهُمْ فِي الدُّنْيَا خِزْيٌ وَلَهُمْ فِي الْآخِرَةِ عَذَابٌ عَظِيمٌ
और उससे बढ़कर ज़ालिम कौन होगा जो खुदा की मसजिदों में उसका नाम लिए जाने से (लोगों को) रोके और उनकी बरबादी के दर पे हो, ऐसों ही को उसमें जाना मुनासिब नहीं मगर सहमे हुए ऐसे ही लोगों के लिए दुनिया में रूसवाई है और ऐसे ही लोगों के लिए आख़ेरत में बड़ा भारी अज़ाब है
115وَلِلَّهِ الْمَشْرِقُ وَالْمَغْرِبُ ۚ فَأَيْنَمَا تُوَلُّوا فَثَمَّ وَجْهُ اللَّهِ ۚ إِنَّ اللَّهَ وَاسِعٌ عَلِيمٌ
(तुम्हारे मसजिद में रोकने से क्या होता है क्योंकि सारी ज़मीन) खुदा ही की है (क्या) पूरब (क्या) पश्चिम बस जहाँ कहीं क़िब्ले की तरफ रूख़ करो वही खुदा का सामना है बेशक खुदा बड़ी गुन्जाइश वाला और खूब वाक़िफ है
116وَقَالُوا اتَّخَذَ اللَّهُ وَلَدًا ۗ سُبْحَانَهُ ۖ بَل لَّهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۖ كُلٌّ لَّهُ قَانِتُونَ
और यहूद कहने लगे कि खुदा औलाद रखता है हालाँकि वह (इस बखेड़े से) पाक है बल्कि जो कुछ ज़मीन व आसमान में है सब उसी का है और सब उसकी के फरमाबरदार हैं
117بَدِيعُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۖ وَإِذَا قَضَىٰ أَمْرًا فَإِنَّمَا يَقُولُ لَهُ كُن فَيَكُونُ
(वही) आसमान व ज़मीन का मोजिद है और जब किसी काम का करना ठान लेता है तो उसकी निसबत सिर्फ कह देता है कि ''हो जा'' पस वह (खुद ब खुद) हो जाता है
118وَقَالَ الَّذِينَ لَا يَعْلَمُونَ لَوْلَا يُكَلِّمُنَا اللَّهُ أَوْ تَأْتِينَا آيَةٌ ۗ كَذَٰلِكَ قَالَ الَّذِينَ مِن قَبْلِهِم مِّثْلَ قَوْلِهِمْ ۘ تَشَابَهَتْ قُلُوبُهُمْ ۗ قَدْ بَيَّنَّا الْآيَاتِ لِقَوْمٍ يُوقِنُونَ
और जो (मुशरेकीन) कुछ नहीं जानते कहते हैं कि खुदा हमसे (खुद) कलाम क्यों नहीं करता, या हमारे पास (खुद) कोई निशानी क्यों नहीं आती, इसी तरह उन्हीं की सी बाते वह कर चुके हैं जो उनसे पहले थे उन सब के दिल आपस में मिलते जुलते हैं जो लोग यक़ीन रखते हैं उनको तो अपनी निशानियाँ क्यों साफतौर पर दिखा चुके
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अनुवाद — अल-बकरा 116

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Tuesday, August 18, 2026

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