और यहूद कहने लगे कि खुदा औलाद रखता है हालाँकि वह (इस बखेड़े से) पाक है बल्कि जो कुछ ज़मीन व आसमान में है सब उसी का है और सब उसकी के फरमाबरदार हैं
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
اتَّخَذَ – बनाया, अपनाया
وَلَدًا – बेटा, संतान
سُبْحَانَهُ – वह पाक है, वह इससे मुक्त और पवित्र है
قَانِتُونَ – आज्ञाकारी, विनम्र, अधीन
व्याख्या:
यहूदियों, ईसाइयों और बहुदेववादियों (मुशरिकों) ने कहा कि अल्लाह ने अपने लिए एक बेटा बना लिया है। यहूदियों ने कहा कि उज़ैर अल्लाह का बेटा है, ईसाइयों ने कहा कि मसीह (ईसा अलैहिस्सलाम) अल्लाह का बेटा है, और मुशरिक अरबों ने कहा कि फ़रिश्ते अल्लाह की बेटियाँ हैं। अल्लाह इन सब झूठे और अपमानजनक विचारों से बिल्कुल पाक और पवित्र है। वह किसी का मोहताज नहीं कि उसे संतान की आवश्यकता हो, क्योंकि संतान की ज़रूरत उसे होती है जो अकेला और कमज़ोर हो। अल्लाह तो सबसे बेनियाज़ (बेपरवाह) है।
अल्लाह का कहना है कि आसमानों और ज़मीन में जो कुछ भी है, वह सब उसी की मिल्कियत है और सब उसी के बंदे हैं। सारी मख़लूक़ात उसी की ग़ुलाम हैं, उसी के हुक्म के ताबे हैं। हर चीज़ उसी की आज्ञा का पालन करती है और उसी के इशारे पर चलती है। कोई भी उसका हमसर या साझीदार नहीं है, न कोई उसकी संतान है और न वह किसी का पिता है। सब कुछ उसी के अधीन है और सब उसी के सामने झुका हुआ है।
लाभ और शिक्षाएँ:
अल्लाह हर उस बात से पाक है जो उसकी शान के खिलाफ हो। उसके लिए संतान का होना असंभव है, क्योंकि संतान तो सृष्टि और प्रजनन की प्रक्रिया से होती है, जबकि अल्लाह किसी से पैदा नहीं हुआ और न ही उसने किसी को जन्म दिया।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की बड़ाई और पवित्रता का ख्याल रखें। उसके बारे में ऐसी कोई बात न कहें जो उसकी शान के लायक न हो।
पूरी कायनात अल्लाह की मिल्कियत है और हर चीज़ उसी की आज्ञा में है। यह हमें सिखाता है कि हम भी अपने रब के आज्ञाकारी बंदे बनें और उसकी इबादत में झुकें, जैसे पूरी सृष्टि उसके सामने विनम्र है।
अल्लाह की बेनियाज़ी (बेपरवाही) पर विश्वास हमें उसी से माँगने की तरफ ले जाता है, क्योंकि वही सब कुछ देने वाला है और उसे किसी की ज़रूरत नहीं।
और उससे बढ़कर ज़ालिम कौन होगा जो खुदा की मसजिदों में उसका नाम लिए जाने से (लोगों को) रोके और उनकी बरबादी के दर पे हो, ऐसों ही को उसमें जाना मुनासिब नहीं मगर सहमे हुए ऐसे ही लोगों के लिए दुनिया में रूसवाई है और ऐसे ही लोगों के लिए आख़ेरत में बड़ा भारी अज़ाब है
(तुम्हारे मसजिद में रोकने से क्या होता है क्योंकि सारी ज़मीन) खुदा ही की है (क्या) पूरब (क्या) पश्चिम बस जहाँ कहीं क़िब्ले की तरफ रूख़ करो वही खुदा का सामना है बेशक खुदा बड़ी गुन्जाइश वाला और खूब वाक़िफ है
और जो (मुशरेकीन) कुछ नहीं जानते कहते हैं कि खुदा हमसे (खुद) कलाम क्यों नहीं करता, या हमारे पास (खुद) कोई निशानी क्यों नहीं आती, इसी तरह उन्हीं की सी बाते वह कर चुके हैं जो उनसे पहले थे उन सब के दिल आपस में मिलते जुलते हैं जो लोग यक़ीन रखते हैं उनको तो अपनी निशानियाँ क्यों साफतौर पर दिखा चुके
सूराकुरान वेबसाइट की स्थापना पवित्र किताब और पाक सुन्नत की सेवा, अल्लाह की ओर बुलावा, और कुरान व सुन्नत के मार्ग पर धार्मिक विज्ञान को सुगम बनाने के एक विनम्र प्रयास के रूप में की गई थी। हम अल्लाह की प्रशंसा और उसके अनुग्रह के लिए धन्यवाद करते हैं, और उससे प्रार्थना करते हैं कि वह हमारे कार्यों को स्वीकार करे और उन्हें केवल उसके महान चेहरे के लिए विशुद्ध बनाए।