Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ظُلَل (ज़ुलल): यह "ظُلَّة" का बहुवचन है, जिसका अर्थ है छाया करने वाली चीज़, यानी बादलों की परतें।
- الْغَمَام (अल-ग़माम): बादल, जिसे यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि यह आकाश को ढक लेता है।
- وَقُضِيَ الْأَمْرُ (व क़ुज़ियल अम्र): और मामला तय कर दिया गया, यानी फ़ैसला सुना दिया गया।
तफ़सीर (व्याख्या):
ये वे लोग हैं जो सत्य के प्रमाण सामने आने के बाद भी उसे स्वीकार करने से कतराते हैं और इस्लाम में दाखिल होने से इनकार करते हैं। ऐसे लोग किस चीज़ का इंतज़ार कर रहे हैं? वे केवल उस दिन का इंतज़ार कर रहे हैं जब अल्लाह तआला अपनी शान के अनुरूप (जैसा उसकी महानता को शोभा देता है) क़ियामत के दिन बादलों की छायाओं में आएगा, और फ़रिश्ते भी आएँगे और उन्हें हर तरफ़ से घेर लेंगे। उस समय अल्लाह उनके बीच न्यायपूर्ण फ़ैसला करेगा और उनका हिसाब पूरा कर दिया जाएगा। यानी जब यह सब होगा, तब उनका पछतावा किसी काम न आएगा। सारे मामलों की बागडोर अकेले अल्लाह के हाथ में है, और सभी प्राणियों के सारे काम उसी की ओर लौटने वाले हैं। इसलिए उन्हें चाहिए कि वे दुनिया में ही सत्य को स्वीकार कर लें, उस दिन का इंतज़ार न करें जब फ़ैसला हो चुका होगा और मौका हाथ से निकल चुका होगा।
फ़ायदे (लाभ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का फ़ैसला अटल है और उसका आना निश्चित है, इसलिए हमें उस दिन से पहले अपने जीवन को सुधार लेना चाहिए।
- अल्लाह की महानता और उसकी शान का अंदाज़ा इससे होता है कि क़ियामत का दृश्य कितना भयावह होगा, जब वह स्वयं फ़ैसले के लिए आएगा और फ़रिश्ते चारों ओर होंगे।
- यह आयत हमें यह याद दिलाती है कि सभी मामलों का अंत अल्लाह की ओर है, इसलिए हमें अपने हर काम में उसकी रज़ा को सामने रखना चाहिए।
- जो लोग सच्चाई को देखकर भी उससे मुँह मोड़ते हैं, उनके लिए यह चेतावनी है कि अल्लाह का फ़ैसला आने के बाद कोई बहाना काम नहीं आएगा।
- इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें जल्दी से जल्दी अल्लाह की ओर रुजू करना चाहिए और उसकी रहमत के दरवाज़े पर दस्तक देनी चाहिए, क्योंकि वह दिन आने के बाद तौबा का दरवाज़ा बंद हो जाएगा।
📜 आयत 208-212 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 210
सूरा अल-बकरा आयत 210 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या वह लोग इसी के मुन्तज़िर हैं कि सफेद बादल…सूरा आयत 210/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 208–212. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
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