अल-बकरा · 210/286
अनुवाद उच्चारण — अल-बकरा
هَلْ يَنظُرُونَ إِلَّا أَن يَأْتِيَهُمُ اللَّهُ فِي ظُلَلٍ مِّنَ الْغَمَامِ وَالْمَلَائِكَةُ وَقُضِيَ الْأَمْرُ ۚ وَإِلَى اللَّهِ تُرْجَعُ الْأُمُورُ ۝٢١٠
Hal yanzuroona illaaa ai yaatiyahumul laahu fee zulalim minal ghamaami walmalaaa`ikatu wa qudiyal amr; wa ilal laahi turja`ulumoor
📖 हिंदी अर्थ
क्या वह लोग इसी के मुन्तज़िर हैं कि सफेद बादल के साय बानो की आड़ में अज़ाबे ख़ुदा और अज़ाब के फ़रिश्ते उन पर ही आ जाए और सब झगड़े चुक ही जाते हालॉकि आख़िर कुल उमुर ख़ुदा ही की तरफ रुजू किए जाएँगे
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ظُلَل (ज़ुलल): यह "ظُلَّة" का बहुवचन है, जिसका अर्थ है छाया करने वाली चीज़, यानी बादलों की परतें।
  • الْغَمَام (अल-ग़माम): बादल, जिसे यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि यह आकाश को ढक लेता है।
  • وَقُضِيَ الْأَمْرُ (व क़ुज़ियल अम्र): और मामला तय कर दिया गया, यानी फ़ैसला सुना दिया गया।

तफ़सीर (व्याख्या):

ये वे लोग हैं जो सत्य के प्रमाण सामने आने के बाद भी उसे स्वीकार करने से कतराते हैं और इस्लाम में दाखिल होने से इनकार करते हैं। ऐसे लोग किस चीज़ का इंतज़ार कर रहे हैं? वे केवल उस दिन का इंतज़ार कर रहे हैं जब अल्लाह तआला अपनी शान के अनुरूप (जैसा उसकी महानता को शोभा देता है) क़ियामत के दिन बादलों की छायाओं में आएगा, और फ़रिश्ते भी आएँगे और उन्हें हर तरफ़ से घेर लेंगे। उस समय अल्लाह उनके बीच न्यायपूर्ण फ़ैसला करेगा और उनका हिसाब पूरा कर दिया जाएगा। यानी जब यह सब होगा, तब उनका पछतावा किसी काम न आएगा। सारे मामलों की बागडोर अकेले अल्लाह के हाथ में है, और सभी प्राणियों के सारे काम उसी की ओर लौटने वाले हैं। इसलिए उन्हें चाहिए कि वे दुनिया में ही सत्य को स्वीकार कर लें, उस दिन का इंतज़ार न करें जब फ़ैसला हो चुका होगा और मौका हाथ से निकल चुका होगा।

फ़ायदे (लाभ):

  1. यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का फ़ैसला अटल है और उसका आना निश्चित है, इसलिए हमें उस दिन से पहले अपने जीवन को सुधार लेना चाहिए।
  2. अल्लाह की महानता और उसकी शान का अंदाज़ा इससे होता है कि क़ियामत का दृश्य कितना भयावह होगा, जब वह स्वयं फ़ैसले के लिए आएगा और फ़रिश्ते चारों ओर होंगे।
  3. यह आयत हमें यह याद दिलाती है कि सभी मामलों का अंत अल्लाह की ओर है, इसलिए हमें अपने हर काम में उसकी रज़ा को सामने रखना चाहिए।
  4. जो लोग सच्चाई को देखकर भी उससे मुँह मोड़ते हैं, उनके लिए यह चेतावनी है कि अल्लाह का फ़ैसला आने के बाद कोई बहाना काम नहीं आएगा।
  5. इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें जल्दी से जल्दी अल्लाह की ओर रुजू करना चाहिए और उसकी रहमत के दरवाज़े पर दस्तक देनी चाहिए, क्योंकि वह दिन आने के बाद तौबा का दरवाज़ा बंद हो जाएगा।
🎧 सुनें

📜 आयत 208-212 — अल-बकरा

208يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا ادْخُلُوا فِي السِّلْمِ كَافَّةً وَلَا تَتَّبِعُوا خُطُوَاتِ الشَّيْطَانِ ۚ إِنَّهُ لَكُمْ عَدُوٌّ مُّبِينٌ
ईमान वालों तुम सबके सब एक बार इस्लाम में (पूरी तरह ) दाख़िल हो जाओ और शैतान के क़दम ब क़दम न चलो वह तुम्हारा यक़ीनी ज़ाहिर ब ज़ाहिर दुश्मन है
209فَإِن زَلَلْتُم مِّن بَعْدِ مَا جَاءَتْكُمُ الْبَيِّنَاتُ فَاعْلَمُوا أَنَّ اللَّهَ عَزِيزٌ حَكِيمٌ
फिर जब तुम्हारे पास रौशन दलीले आ चुकी उसके बाद भी डगमगा गए तो अच्छी तरह समझ लो कि ख़ुदा (हर तरह) ग़ालिब और तदबीर वाला है
210هَلْ يَنظُرُونَ إِلَّا أَن يَأْتِيَهُمُ اللَّهُ فِي ظُلَلٍ مِّنَ الْغَمَامِ وَالْمَلَائِكَةُ وَقُضِيَ الْأَمْرُ ۚ وَإِلَى اللَّهِ تُرْجَعُ الْأُمُورُ
क्या वह लोग इसी के मुन्तज़िर हैं कि सफेद बादल के साय बानो की आड़ में अज़ाबे ख़ुदा और अज़ाब के फ़रिश्ते उन पर ही आ जाए और सब झगड़े चुक ही जाते हालॉकि आख़िर कुल उमुर ख़ुदा ही की तरफ रुजू किए जाएँगे
211سَلْ بَنِي إِسْرَائِيلَ كَمْ آتَيْنَاهُم مِّنْ آيَةٍ بَيِّنَةٍ ۗ وَمَن يُبَدِّلْ نِعْمَةَ اللَّهِ مِن بَعْدِ مَا جَاءَتْهُ فَإِنَّ اللَّهَ شَدِيدُ الْعِقَابِ
(ऐ रसूल) बनी इसराइल से पूछो कि हम ने उन को कैसी कैसी रौशन निशानियाँ दी और जब किसी शख्स के पास ख़ुदा की नेअमत (किताब) आ चुकी उस के बाद भी उस को बदल डाले तो बेशक़ ख़ुदा सख्त अज़ाब वाला है
212زُيِّنَ لِلَّذِينَ كَفَرُوا الْحَيَاةُ الدُّنْيَا وَيَسْخَرُونَ مِنَ الَّذِينَ آمَنُوا ۘ وَالَّذِينَ اتَّقَوْا فَوْقَهُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ ۗ وَاللَّهُ يَرْزُقُ مَن يَشَاءُ بِغَيْرِ حِسَابٍ
जिन लोगों ने कुफ्र इख्तेयार किया उन के लिये दुनिया की ज़रा सी ज़िन्दगी ख़ूब अच्छी दिखायी गयी है और ईमानदारों से मसखरापन करते हैं हालॉकि क़यामत के दिन परहेज़गारों का दरजा उनसे (कहीं) बढ़ चढ़ के होगा और ख़ुदा जिस को चाहता है बे हिसाब रोज़ी अता फरमाता है
अल-बकराकुरान सूची
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मदनीRevelation
210आयत

अनुवाद — अल-बकरा 210

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Tuesday, August 18, 2026

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