Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- بَعَثْنَاكُمْ: हमने तुम्हें जीवित किया, उठाया।
- مِن بَعْدِ مَوْتِكُمْ: तुम्हारी मृत्यु के पश्चात् (यहाँ मृत्यु से तात्पर्य बिजली गिरने से हुई मृत्यु या बेहोशी की हालत से है)।
- تَشْكُرُونَ: तुम कृतज्ञता व्यक्त करो, अर्थात् अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करो।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने बनी इस्राईल को याद दिलाई कि जब उन्होंने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) से कहा कि "हम अल्लाह को खुल्लम-खुल्ला नहीं देख सकते जब तक कि वह हमें दिखाई न दे," तो उनके इस अवज्ञाकारी और साहसिक अनुरोध के कारण उन पर बिजली गिरी और वे मर गए या बेहोश हो गए। यह उनकी सज़ा थी। फिर अल्लाह ने अपनी दया और कृपा से उन्हें उस मौत या बेहोशी के बाद दोबारा जीवित किया (यानी उन्हें होश में लाया और उनकी जान लौटाई) ताकि वे अपनी बाकी मुद्दत (आयु) और रोज़ी पूरी कर सकें। यह पुनर्जीवन उनके लिए एक बड़ी नेमत थी, और इसका मक़सद यह था कि वे अल्लाह की इस कृपा पर शुक्र अदा करें और उसकी इबादत में लगे रहें। यह घटना उन्हें सबक़ सिखाती है कि अल्लाह की शान के बारे में ज़्यादा सवाल-जवाब न करें और अपने नबी की बात मानें।
फ़ायदे (सबक़):
- अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) असीम है; वह मौत के बाद जीवन देने पर पूरी तरह क़ादिर है, जैसा कि उसने बनी इस्राईल के साथ किया। यह हमें आख़िरत (पुनरुत्थान) के दिन पर ईमान लाने की ताक़त देता है।
- अल्लाह की सज़ा के बाद उसकी रहमत (दया) आती है; जब बंदा अपनी ग़लती पर पछताता है, तो अल्लाह उसे माफ़ करके दोबारा जीवन और अवसर देता है। यह हमें तौबा (पश्चाताप) की ओर प्रेरित करता है।
- शुक्र (कृतज्ञता) अल्लाह की नेमतों को बढ़ाने का ज़रिया है। जब अल्लाह हमें किसी मुसीबत से निकालता है, तो हमें चाहिए कि उसका शुक्र अदा करें, न कि उसकी नेमतों को भूल जाएँ।
- यह घटना हमें सिखाती है कि अल्लाह और उसके रसूल के आदेशों के सामने अपनी अक़्ल और ज़िद को नहीं चलाना चाहिए; सब्र और इताअत (आज्ञापालन) में ही भलाई है।
- अल्लाह की हर नेमत का एक मक़सद होता है — वह हमें परखता है कि हम शुक्र करते हैं या नाशुक्री। इसलिए हर हाल में अल्लाह का शुक्रगुज़ार बनना चाहिए।
📜 आयत 54-58 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 56
सूरा अल-बकरा आयत 56 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर तुम्हें तुम्हारे मरने के बाद हमने जिला उठाया ताकि…सूरा आयत 56/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 54–58. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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