Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- عِجْلًا: बछड़ा (गाय का बच्चा)
- جَسَدًا: शरीर, जिसमें जान न हो
- خُوَارٌ: बैल की आवाज़, रंभाना
- فَنَسِيَ: भूल गया, यहाँ अर्थ है कि मूसा (अलैहिस्सलाम) अपने इस "ईश्वर" को यहाँ छोड़कर भूल गए
तफ़सीर:
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) तूर पहाड़ पर अल्लाह से मिलने गए और उनकी क़ौम ने उनके वादे के मुताबिक़ इंतज़ार नहीं किया, तो सामरी नाम के एक धोखेबाज़ व्यक्ति ने बनी इसराईल की सोने की ज़ेवरात को पिघलाकर एक बछड़े की मूर्ति बनाई। यह मूर्ति इस क़दर अजीब थी कि उसमें से बैल की आवाज़ जैसी आवाज़ निकलती थी — हालाँकि वह बेजान थी, उसमें कोई रूह नहीं थी।
इस धोखेबाज़ सामरी और उसके साथियों ने लोगों से कहा: "यही तुम्हारा ईश्वर है और मूसा का भी ईश्वर है! मूसा इसे भूलकर पहाड़ पर ईश्वर की तलाश में चला गया।"
यह कितनी बड़ी बेवकूफ़ी और गुमराही थी! एक बेजान बछड़ा, जो न खुद को बचा सकता है, न किसी को फ़ायदा पहुँचा सकता है, न सुन सकता है, न देख सकता है — उसे ख़ुदा बना दिया गया! जबकि अल्लाह वह है जिसने आसमान और ज़मीन बनाए, जो ज़िंदा है और कभी नहीं मरता, जो सब कुछ सुनता और देखता है।
यह वाक़िया हमें सिखाता है कि इंसान कितनी आसानी से गुमराह हो सकता है जब वह अपनी अक़्ल का इस्तेमाल नहीं करता। सामरी ने उन्हें धोखा दिया, लेकिन उन्होंने भी बिना सोचे-समझे उसकी बात मान ली। अगर वे ज़रा सोचते कि एक बेजान बछड़ा ख़ुदा कैसे हो सकता है, तो वे इस धोखे में न आते।
आज भी बहुत से लोग अपनी इच्छाओं, अपने बनाए हुए ख़ुदाओं और अपनी मनमानी चीज़ों की पूजा करते हैं — चाहे वह धन हो, शोहरत हो, या कोई और चीज़। यह आयत हमें आगाह करती है कि सिर्फ़ अल्लाह ही इबादत के लायक़ है, और उसके सिवा हर चीज़ बेजान और बेबस है।
हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) जब लौटे और अपनी क़ौम को इस हालत में देखा तो उन्हें बहुत ग़ुस्सा और दुख हुआ। यह हमारे लिए सबक़ है कि हम अपने ईमान की हिफ़ाज़त करें, अक़्ल से काम लें और किसी भी धोखेबाज़ के बहकावे में न आएँ। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलाए और गुमराही से बचाए। आमीन।
📜 आयत 86-90 — सूरा ताहा
अनुवाद — ताहा 88
सूरा ताहा आयत 88 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर सामरी ने उन लोगों के लिए (उसी जेवर से)…सूरा आयत 88/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 86–90. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा ताहा
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


