अनुवाद — Tafsir
(क़ुल) अर्थात आप कह दीजिए, (लिमनिल अर्दु) यानी यह धरती और (वमन फ़ीहा) जो कुछ भी इसमें है, वह किसका है? (इन कुन्तुम तअलमून) अगर तुम जानते हो।
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को हुक्म देता है कि वे मक्का के काफ़िरों से, जो आख़िरत और दोबारा जी उठने का इनकार करते हैं, यह सवाल करें: "यह धरती और इसमें मौजूद सारी मख़लूक़ात — इंसान, जानवर, पेड़-पौधे, पहाड़, समुद्र — यह सब किसका है? अगर तुम्हें कुछ भी ज्ञान है तो बताओ।"
यह सवाल उनके दिलों पर चोट करने वाला है, क्योंकि वे ख़ुद भी जानते हैं और मानते हैं कि यह सब अल्लाह ही का है। वे किसी और को इसका मालिक नहीं कह सकते। इस तरह अल्लाह उन्हें उनके अपने ईमान की गवाही पर छोड़ देता है — कि जब वे मानते हैं कि यह सब अल्लाह का है, तो फिर वही उनका रब, उनका ख़ालिक़ और उनका मालिक है। और जो इन सबका मालिक है, वही इन सबका मालिक होने के साथ-साथ इन सबको दोबारा ज़िंदा करने पर भी क़ादिर है।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमारे चारों ओर की हर चीज़ — यह विशाल धरती, यह नीला आसमान, यह चमकते सितारे, यह बहते दरिया — सब कुछ अल्लाह की कुदरत का नमूना है। जिसने इन्हें पैदा किया, वही इन्हें दोबारा भी पैदा कर सकता है। क़यामत का दिन आना कोई मुश्किल काम नहीं, क्योंकि जिसने पहली बार पैदा किया, उसके लिए दूसरी बार पैदा करना और भी आसान है।
और अगर हम सच्चे दिल से यह मान लें कि यह सब अल्लाह का है, तो फिर हमें अपनी ज़िंदगी भी उसी की बताई हुई तरह से गुज़ारनी चाहिए। जो चीज़ किसी की होती है, उसका हक़ होता है कि उसे उसी की मर्ज़ी के मुताबिक इस्तेमाल किया जाए। यही ईमान की असली माँग है — कि हम अपने रब की इबादत करें, उसके हुक्मों को मानें, और उसी से डरें। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया की भलाई और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है।
📜 आयत 82-86 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 84
सूरा अल-मोमिनुन आयत 84 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि भला अगर तुम लोग…सूरा आयत 84/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 82–86. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








