अल-मोमिनुन · 86/118
अनुवाद उच्चारण — अल-मोमिनुन
قُلْ مَن رَّبُّ السَّمَاوَاتِ السَّبْعِ وَرَبُّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ ۝٨٦
Qul mar Rabbus samaawaatis sab`i wa Rabbul `Arshil `Azeem
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) तुम उनसे पूछो तो कि सातों आसमानों का मालिक और (इतने) बड़े अर्श का मालिक कौन है तो फौरन जवाब देगें कि (सब कुछ) खुदा ही का है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • رَبّ (रब्ब): पालनहार, स्वामी, प्रशासक और प्रदाता।
  • السَّمَاوَاتِ السَّبْعِ (अस-समावातिस-सब'): सात आकाश, जो परत दर परत बनाए गए हैं।
  • الْعَرْشِ الْعَظِيمِ (अल-अर्शिल-अज़ीम): महान सिंहासन, जो सारी मख़लूक़ात (सृष्टि) से ऊपर और सबसे बड़ा है।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को हिदायत देता है कि वे इन मुनकिरों (इनकार करने वालों) से पूछें: "कौन है वह जो इन सातों आकाशों का रब है? और कौन है वह जो अज़ीम अर्श (महान सिंहासन) का मालिक है?" यह सवाल उन्हें उनकी अपनी फ़ितरत (स्वभाव) की तरफ लौटाने के लिए है, क्योंकि वे ख़ुद जानते हैं कि इन सबका ख़ालिक़ और मालिक सिर्फ अल्लाह ही है। अर्श अल्लाह की सबसे बड़ी मख़लूक़ है, जो आसमानों और ज़मीन से कहीं अधिक विशाल है, और उसका रब होना उसकी अज़मत (महानता) और कुदरत (शक्ति) की दलील है। यह पूछना उनके दिलों में अल्लाह की बुज़ुर्गी का एहसास पैदा करता है और उन्हें यक़ीन दिलाता है कि जिसने इतनी बड़ी कायनात पैदा की और उसे संभाल रखा है, वही इबादत (पूजा) के लायक़ है।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की अज़मत पर ग़ौर करना चाहिए — जब हम आसमान की बुलंदियों को देखते हैं और अर्श की अज़मत के बारे में सोचते हैं, तो हमारा दिल उसकी तरफ झुकता है और हमें यक़ीन होता है कि उसके सिवा कोई मालिक नहीं। यही वह सच्चाई है जो इंसान को ज़िंदगी में राहत और आख़िरत में कामयाबी देती है। अल्लाह की अज़मत पर ईमान लाना और उसकी इबादत में जुट जाना ही सबसे बड़ी भलाई है।



📜 आयत 84-88 — अल-मोमिनुन

84قُل لِّمَنِ الْأَرْضُ وَمَن فِيهَا إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि भला अगर तुम लोग कुछ जानते हो (तो बताओ) ये ज़मीन और जो लोग इसमें हैं किस के हैं वह फौरन जवाब देगें ख़ुदा के
85سَيَقُولُونَ لِلَّهِ ۚ قُلْ أَفَلَا تَذَكَّرُونَ
तुम कह दो कि तो क्या तुम अब भी ग़ौर न करोगे
86قُلْ مَن رَّبُّ السَّمَاوَاتِ السَّبْعِ وَرَبُّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ
(ऐ रसूल) तुम उनसे पूछो तो कि सातों आसमानों का मालिक और (इतने) बड़े अर्श का मालिक कौन है तो फौरन जवाब देगें कि (सब कुछ) खुदा ही का है
87سَيَقُولُونَ لِلَّهِ ۚ قُلْ أَفَلَا تَتَّقُونَ
अब तुम कहो तो क्या तुम अब भी (उससे) नहीं डरोगे
88قُلْ مَن بِيَدِهِ مَلَكُوتُ كُلِّ شَيْءٍ وَهُوَ يُجِيرُ وَلَا يُجَارُ عَلَيْهِ إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ
(ऐ रसूल) तुम उनसे पूछो कि भला अगर तुम कुछ जानते हो (तो बताओ) कि वह कौन शख्स है- जिसके एख्तेयार में हर चीज़ की बादशाहत है वह (जिसे चाहता है) पनाह देता है और उस (के अज़ाब) से पनाह नहीं दी जा सकती
अल-मोमिनुनकुरान सूची
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अनुवाद — अल-मोमिनुन 86

सूरा अल-मोमिनुन आयत 86 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम उनसे पूछो तो कि सातों आसमानों का…

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Tuesday, August 18, 2026

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