अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُلْقُونَ السَّمْعَ: कान लगाकर सुनना, चुपके से सुनना (فرشتوں کی باتوں کو چھپ کر سننا)
- أَكْثَرُهُمْ كَاذِبُونَ: उनमें से अधिकतर झूठे हैं
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में शैतानों के हालात बयान कर रहे हैं कि वे आसमान की तरफ कान लगाकर फ़रिश्तों की बातें चुराने की कोशिश करते हैं। ये शैतान काहिनों (ज्योतिषियों, भविष्यवक्ताओं) और उन जैसे बदकार लोगों पर उतरते हैं। जब ये शैतान आसमान से कोई बात चुराकर लाते हैं, तो उसे अपने साथियों (काहिनों) तक पहुँचाते हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर झूठे होते हैं।
इसका मतलब यह है कि काहिन और ज्योतिषी जो कुछ भी बताते हैं, उसमें सच्चाई का अंश बहुत कम होता है। हो सकता है कि कभी-कभी वे एक सच्ची बात कह दें, लेकिन उसके साथ वे सौ झूठ मिला देते हैं। जैसा कि हदीस में आया है कि शैतान आसमान की बातें चुराकर काहिन के कान में डाल देता है, फिर काहिन उस एक सच्ची बात के साथ सौ झूठ जोड़ देता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमें काहिनों, ज्योतिषियों, रम्मालों और भविष्यवक्ताओं की बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। ये सब शैतान के साथी हैं और इनकी बातों में सच्चाई नहीं होती। इस्लाम में इनके पास जाना और इनकी बातों पर यकीन करना बड़ा गुनाह है।
प्यारे भाइयों और बहनों! हमें अपना जीवन अल्लाह की किताब (कुरआन) और उसके नबी ﷺ की सुन्नत के अनुसार बनाना चाहिए। किसी भी इंसान को भविष्य का ज्ञान नहीं है, सिवाय अल्लाह के। जो लोग आपको भविष्य बताने का दावा करते हैं, वे या तो झूठे हैं या शैतान के सहारे हैं। सच्ची कामयाबी अल्लाह की इबादत में है, उसकी राह पर चलने में है। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफीक दे। आमीन।
📜 आयत 221-225 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 223
सूरा अश-शुआरा आयत 223 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो (फ़रिश्तों की बातों पर कान लगाए रहते हैं) कि…सूरा आयत 223/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 221–225. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








