अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَلْقُوا: फेंक दो, डाल दो।
- مَا أَنتُم مُّلْقُونَ: जो कुछ तुम फेंकने वाले हो।
तफ़सीर:
जब मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन के दरबार में अपना पैग़ाम पेश किया, तो फ़िरऔन ने उन्हें जादूगरों के मुक़ाबले में लाने का फ़ैसला किया। उसने अपने शहरों से सैकड़ों माहिर जादूगर इकट्ठे किए और उन्हें बड़े इनाम और इज़्ज़त का लालच दिया। जब सब इकट्ठा हुए, तो जादूगरों ने मूसा (अलैहिस्सलाम) से कहा: "या तो आप पहले फेंकिए, या हम फेंकते हैं।"
तब मूसा (अलैहिस्सलाम) ने पूरे भरोसे और इत्मीनान के साथ, अल्लाह पर पूरा यक़ीन रखते हुए उनसे कहा: "तुम ही फेंको जो कुछ तुम फेंकने वाले हो।"
यह जवाब मूसा (अलैहिस्सलाम) की दिलेरी और अल्लाह पर उनके गहरे भरोसे को दिखाता है। वे जानते थे कि जो कुछ उनके पास है, वह अल्लाह की तरफ से है, और अल्लाह का दीन किसी भी जादू या नकली चमत्कार से हार नहीं सकता। उन्होंने बिना किसी झिझक के जादूगरों को पहले अपना जादू दिखाने की इजाज़त दी, ताकि सच और झूठ का फ़र्क़ सबके सामने साफ़ हो जाए।
इस आयत से हमें सबक़ मिलता है कि हक़ (सच्चाई) पर चलने वाले को कभी डरना नहीं चाहिए। चाहे मुख़ालिफ़ कितने भी ताक़तवर क्यों न हों, अल्लाह का साथ हक़ वालों के साथ होता है। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने यहाँ जो सब्र और भरोसा दिखाया, वह हर मोमिन के लिए नमूना है। जब हम अल्लाह पर भरोसा करते हैं, तो अल्लाह हमें ऐसी हिम्मत देता है जो दुनिया की तमाम ताक़तों के मुक़ाबले में काफ़ी होती है।
यह भी याद रखने की बात है कि अल्लाह अपने नबियों की मदद करता है और सच्चाई को बुलंद करता है, चाहे झूठ वाले कितनी भी कोशिश कर लें। यही वजह है कि मूसा (अलैहिस्सलाम) ने बड़े ही सुकून और इत्मीनान से यह कहा, क्योंकि उन्हें यक़ीन था कि अल्लाह की मदद ज़रूर आएगी और हक़ की जीत होगी।
📜 आयत 41-45 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 43
सूरा अश-शुआरा आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मूसा ने जादूगरों से कहा (मंत्र व तंत्र) जो कुछ…सूरा आयत 43/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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