अश-शुआरा · 43/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
قَالَ لَهُم مُّوسَىٰ أَلْقُوا مَا أَنتُم مُّلْقُونَ ۝٤٣
Qaala lahum Moosaaa alqoo maaa antum mulqoon
📖 हिंदी अर्थ
मूसा ने जादूगरों से कहा (मंत्र व तंत्र) जो कुछ तुम्हें फेंकना हो फेंको
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • أَلْقُوا: फेंक दो, डाल दो।
  • مَا أَنتُم مُّلْقُونَ: जो कुछ तुम फेंकने वाले हो।

तफ़सीर:

जब मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन के दरबार में अपना पैग़ाम पेश किया, तो फ़िरऔन ने उन्हें जादूगरों के मुक़ाबले में लाने का फ़ैसला किया। उसने अपने शहरों से सैकड़ों माहिर जादूगर इकट्ठे किए और उन्हें बड़े इनाम और इज़्ज़त का लालच दिया। जब सब इकट्ठा हुए, तो जादूगरों ने मूसा (अलैहिस्सलाम) से कहा: "या तो आप पहले फेंकिए, या हम फेंकते हैं।"

तब मूसा (अलैहिस्सलाम) ने पूरे भरोसे और इत्मीनान के साथ, अल्लाह पर पूरा यक़ीन रखते हुए उनसे कहा: "तुम ही फेंको जो कुछ तुम फेंकने वाले हो।"

यह जवाब मूसा (अलैहिस्सलाम) की दिलेरी और अल्लाह पर उनके गहरे भरोसे को दिखाता है। वे जानते थे कि जो कुछ उनके पास है, वह अल्लाह की तरफ से है, और अल्लाह का दीन किसी भी जादू या नकली चमत्कार से हार नहीं सकता। उन्होंने बिना किसी झिझक के जादूगरों को पहले अपना जादू दिखाने की इजाज़त दी, ताकि सच और झूठ का फ़र्क़ सबके सामने साफ़ हो जाए।

इस आयत से हमें सबक़ मिलता है कि हक़ (सच्चाई) पर चलने वाले को कभी डरना नहीं चाहिए। चाहे मुख़ालिफ़ कितने भी ताक़तवर क्यों न हों, अल्लाह का साथ हक़ वालों के साथ होता है। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने यहाँ जो सब्र और भरोसा दिखाया, वह हर मोमिन के लिए नमूना है। जब हम अल्लाह पर भरोसा करते हैं, तो अल्लाह हमें ऐसी हिम्मत देता है जो दुनिया की तमाम ताक़तों के मुक़ाबले में काफ़ी होती है।

यह भी याद रखने की बात है कि अल्लाह अपने नबियों की मदद करता है और सच्चाई को बुलंद करता है, चाहे झूठ वाले कितनी भी कोशिश कर लें। यही वजह है कि मूसा (अलैहिस्सलाम) ने बड़े ही सुकून और इत्मीनान से यह कहा, क्योंकि उन्हें यक़ीन था कि अल्लाह की मदद ज़रूर आएगी और हक़ की जीत होगी।

🎧 सुनें

📜 आयत 41-45 — अश-शुआरा

41فَلَمَّا جَاءَ السَّحَرَةُ قَالُوا لِفِرْعَوْنَ أَئِنَّ لَنَا لَأَجْرًا إِن كُنَّا نَحْنُ الْغَالِبِينَ
अलग़रज जब सब जादूगर आ गये तो जादूगरों ने फिरऔन से कहा कि अगर हम ग़ालिब आ गए तो हमको यक़ीनन कुछ इनाम (सरकार से) मिलेगा
42قَالَ نَعَمْ وَإِنَّكُمْ إِذًا لَّمِنَ الْمُقَرَّبِينَ
फिरऔन ने कहा हा (ज़रुर मिलेगा) और (इनाम क्या चीज़ है) तुम उस वक्त (मेरे) मुकररेबीन (बारगाह) से हो गए
43قَالَ لَهُم مُّوسَىٰ أَلْقُوا مَا أَنتُم مُّلْقُونَ
मूसा ने जादूगरों से कहा (मंत्र व तंत्र) जो कुछ तुम्हें फेंकना हो फेंको
44فَأَلْقَوْا حِبَالَهُمْ وَعِصِيَّهُمْ وَقَالُوا بِعِزَّةِ فِرْعَوْنَ إِنَّا لَنَحْنُ الْغَالِبُونَ
इस पर जादूगरों ने अपनी रस्सियाँ और अपनी छड़ियाँ (मैदान में) डाल दी और कहने लगे फिरऔन के जलाल की क़सम हम ही ज़रुर ग़ालिब रहेंगे
45فَأَلْقَىٰ مُوسَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِيَ تَلْقَفُ مَا يَأْفِكُونَ
तब मूसा ने अपनी छड़ी डाली तो जादूगरों ने जो कुछ (शोबदे) बनाए थे उसको वह निगलने लगी
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अनुवाद — अश-शुआरा 43

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Tuesday, August 18, 2026

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