अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَنَا لَغَائِظُونَ: हमें अत्यधिक क्रोधित करने वाले, हमारे लिए ग़ैज़ (गहरा ग़ुस्सा) पैदा करने वाले। 'ग़ैज़' का अर्थ है सबसे तीव्र और भीतर तक जलाने वाला क्रोध।
तफ़सीर (व्याख्या):
फ़िरऔन ने अपने दरबारियों से कहा कि ये बनी इसराइल जो मूसा (अलैहिस्सलाम) के साथ निकल गए हैं, वे एक बहुत ही कमज़ोर और तुच्छ समूह हैं, जिनकी तादाद बहुत थोड़ी है। लेकिन इसके बावजूद, उन्होंने हमारे धर्म का विरोध किया, हमारी आज्ञा के बिना निकल गए, और हमारे सामने चुनौती पेश की — यह सब कुछ हमारे दिलों में उनके खिलाफ़ ग़ैज़ (अत्यधिक क्रोध) पैदा कर रहा है। वे हमें इस क़दर नाराज़ कर रहे हैं कि हमारा ख़ून खौल रहा है। यह उनका कृत्य हमारे लिए बर्दाश्त से बाहर है, और हम उनसे बदला लेने के लिए पूरी तरह तैयार और सजग हैं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि सत्य (हक़) के रास्ते पर चलने वालों को बातिल (असत्य) की ताकतों के ग़ुस्से और ग़ैज़ का सामना करना पड़ता है। जब एक इंसान अल्लाह की राह पर चलता है और उसके दीन को अपनाता है, तो ज़ालिम और सरकश लोग उससे नफ़रत करते हैं और उसके खिलाफ़ भड़क उठते हैं। यह उस सच्चाई की निशानी है कि वह सही रास्ते पर है। मूसा (अलैहिस्सलाम) की उम्मत को फ़िरऔन के ग़ुस्से का सामना करना पड़ा, लेकिन अल्लाह ने उन्हें फ़िरऔन और उसके लश्कर से निजात दी और सच्चाई को बुलंद किया। यह हमारे लिए सबक़ है कि हम अल्लाह की राह में किसी ज़ालिम के ग़ुस्से से न डरें, क्योंकि अल्लाह अपने नेक बंदों के साथ है और अंजाम में कामयाबी उन्हीं की होती है। जो लोग अल्लाह की राह पर साबित क़दम रहते हैं, उनके दुश्मन चाहे कितना भी ग़ुस्सा करें, अल्लाह उन्हें हर मुश्किल से निकालने की ताक़त देता है।
📜 आयत 53-57 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 55
सूरा अश-शुआरा आयत 55 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उन लोगों ने हमें सख्त गुस्सा दिलाया हैसूरा आयत 55/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 53–57. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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