अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَوْمَ: उस दिन (क़ियामत का दिन)
- لَا يَنفَعُ: कोई लाभ नहीं देगा, काम नहीं आएगा
- مَالٌ: धन-दौलत
- وَلَا بَنُونَ: और न ही बेटे (औलाद)
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस भयानक दिन का वर्णन कर रही है जब सभी लोग क़ब्रों से उठकर हिसाब-किताब के लिए खड़े होंगे। उस दिन न तो धन-दौलत किसी काम आएगी और न ही बेटे-बेटियाँ। आज के इस भौतिकवादी युग में इंसान धन इकट्ठा करने में अपनी पूरी ज़िंदगी लगा देता है, और बेटों पर इतना नाज़ करता है कि वह उन्हें अपनी ताक़त और सहारा समझता है। लेकिन क़ियामत के दिन यह सब बेकार साबित होगा।
उस दिन न तो कोई धनवान अपने पैसों से अपनी जान बचा सकेगा, न ही कोई बाप अपने बेटों की ताक़त से अपनी मदद करवा सकेगा। जिस धन पर इंसान को इतना घमंड था, जिन बेटों पर उसे इतना भरोसा था, वे सब उस दिन उसके किसी काम न आएँगे। यह एक सख़्त चेतावनी है कि इस दुनिया की चीज़ों पर भरोसा मत करो।
लेकिन इसी आयत में अल्लाह तआला ने एक रास्ता भी बताया है - वह यह कि जो व्यक्ति अल्लाह के पास "सलीम दिल" (पवित्र हृदय) लेकर आएगा, यानी वह दिल जो शिर्क, निफ़ाक़ और बुराइयों से पाक हो, उसी को उस दिन नजात मिलेगी। यह अल्लाह की रहमत है कि उसने हमें बताया कि कौन सी चीज़ वाकई काम आने वाली है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी में किस चीज़ को अहमियत दे रहे हैं। क्या हम सिर्फ़ दुनिया की दौलत और औलाद की फ़िक्र में लगे हैं, या हम अपने दिल को भी साफ़ रखने की कोशिश कर रहे हैं? आज ही वक़्त है कि हम अपने दिलों को सुधारें, अपने ईमान को मज़बूत करें और अल्लाह की रज़ा के लिए अच्छे काम करें। याद रखिए, क़ियामत के दिन सिर्फ़ सलीम दिल ही काम आएगा, न कि दौलत और औलाद। अल्लाह हम सबको यह समझने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 86-90 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 88
सूरा अश-शुआरा आयत 88 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन न तो माल ही कुछ काम आएगा और…सूरा आयत 88/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 86–90. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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