अश-शुआरा · 89/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
إِلَّا مَنْ أَتَى اللَّهَ بِقَلْبٍ سَلِيمٍ ۝٨٩
Illaa man atal laaha biqalbin saleem
📖 हिंदी अर्थ
मगर जो शख्स ख़ुदा के सामने (गुनाहों से) पाक दिल लिए हुए हाज़िर होगा (वह फायदे में रहेगा)
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • क़ल्बिन सलीम: वह हृदय जो शिर्क, कुफ्र, निफ़ाक़ और हर उस चीज़ से पाक और साफ़ हो जो ईमान को नुक़सान पहुँचाए।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में उस महान दिन का ज़िक्र कर रहे हैं जब सारे इंसान अपनी क़ब्रों से उठकर हिसाब के लिए हाज़िर होंगे। उस दिन न तो माल किसी काम आएगा और न औलाद। न कोई रिश्ता-नाता काम देगा और न ही दुनिया की कोई ताक़त। उस दिन सिर्फ़ एक चीज़ नजात दिलाएगी — वह है सलीम दिल यानी वह दिल जो शिर्क, निफ़ाक़, रिया और हर बुराई से पाक हो।

यहाँ "सिवाय" का ज़िक्र एक ख़ास क़िस्म के लोगों के लिए है — वे लोग जो अल्लाह के पास साफ़ और सलीम दिल लेकर आएँ। यानी वह दिल जिसमें अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत न हो, जिसमें दिखावा न हो, जिसमें किसी से बग़्ज़ और हसद न हो, और जो हर उस चीज़ से पाक हो जो अल्लाह और बंदे के दरमियान दीवार बन जाए।

ऐसा दिल ही वह चीज़ है जो इंसान को उस दिन की घबराहट से बचाएगा। जो शख्स इस दुनिया में अपने दिल को ईमान की रौशनी से मुनव्वर कर ले, अपने अमल को अल्लाह की रज़ा के लिए ख़ालिस कर ले, और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के हुक्म के मुताबिक़ ढाल ले — वही उस दिन कामयाब होगा।

और देखिए, यह कितनी बड़ी रहमत है अल्लाह की! वह हमसे दुनिया की दौलत या बड़ी-बड़ी सल्तनतें नहीं माँगता, बल्कि सिर्फ़ एक सलीम दिल चाहता है। वह दिल जो उसकी तरफ़ पूरी तरह मुड़ा हो, जो उसकी याद से लबरेज़ हो, और जो उसकी मख़लूक़ के साथ मुहब्बत और रहमत रखता हो।

तो आओ, हम अपने दिलों को साफ़ करें — शिर्क से, निफ़ाक़ से, रिया से, हसद से, बुग़्ज़ से — और उसे अल्लाह की मुहब्बत और उसके रसूल ﷺ की सुन्नत से मुनव्वर करें। यही वह दिल है जो हमें उस बड़े दिन की तबाही से बचाएगा और जन्नत की राह दिखाएगा। अल्लाह हम सबको सलीम दिल अता फ़रमाए। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 87-91 — अश-शुआरा

87وَلَا تُخْزِنِي يَوْمَ يُبْعَثُونَ
और जिस दिन लोग क़ब्रों से उठाए जाएँगें मुझे रुसवा न करना
88يَوْمَ لَا يَنفَعُ مَالٌ وَلَا بَنُونَ
जिस दिन न तो माल ही कुछ काम आएगा और न लड़के बाले
89إِلَّا مَنْ أَتَى اللَّهَ بِقَلْبٍ سَلِيمٍ
मगर जो शख्स ख़ुदा के सामने (गुनाहों से) पाक दिल लिए हुए हाज़िर होगा (वह फायदे में रहेगा)
90وَأُزْلِفَتِ الْجَنَّةُ لِلْمُتَّقِينَ
और बेहश्त परहेज़ गारों के क़रीब कर दी जाएगी
91وَبُرِّزَتِ الْجَحِيمُ لِلْغَاوِينَ
और दोज़ख़ गुमराहों के सामने ज़ाहिर कर दी जाएगी
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अनुवाद — अश-शुआरा 89

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Tuesday, August 18, 2026

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