Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ادَّارَكَ: एकत्रित और पूर्ण हो गया, यानी आख़िरत का ज्ञान उन्हें पूरा-पूरा हो जाएगा।
- عَمُونَ: अंधे, यानी जिनकी आँखें (दिल की आँखें) बंद हैं, वे सत्य को देखने में असमर्थ हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इन आयात में उन लोगों की हालत बयान कर रहे हैं जो आख़िरत (परलोक) और क़यामत के दिन को नहीं मानते या उसके बारे में शक में पड़े हुए हैं। अल्लाह फ़रमाता है कि क्या उनका ज्ञान आख़िरत तक पहुँच गया है? क्या उन्होंने उसे देख लिया है या उसकी हक़ीक़त को समझ लिया है? हरगिज़ नहीं! बल्कि वे दुनिया में आख़िरत के बारे में संदेह और भ्रम में डूबे हुए हैं। उनके दिलों की आँखें अंधी हो गई हैं, इसलिए वे उस यक़ीनी सच्चाई को नहीं देख पा रहे हैं जो क़ुरआन और रसूल ﷺ की शिक्षाओं में स्पष्ट रूप से बयान की गई है।
जब क़यामत आएगी और वे अपनी क़ब्रों से उठाए जाएँगे, तब उनका ज्ञान पूरा हो जाएगा और वे देख लेंगे कि जो कुछ कहा गया था वह सब सच था। लेकिन उस वक़्त का ज्ञान और ईमान उन्हें कोई लाभ नहीं देगा, क्योंकि ईमान का समय दुनिया ही था। यही वह लोग हैं जिन्होंने दुनिया में आख़िरत को भुला दिया और अपनी ज़िंदगी को केवल इसी दुनिया तक सीमित कर लिया।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें ग़ौर करने की दावत देती है कि हम आख़िरत के बारे में शक में न पड़ें। अल्लाह ने हमें अक़्ल और समझ दी है, और क़ुरआन व सुन्नत में आख़िरत की हर हक़ीक़त को स्पष्ट कर दिया है। हमें चाहिए कि हम अपने दिलों की आँखों को खोलें, अच्छे कर्म करें, और उस दिन के लिए तैयारी करें जब हर इंसान अपने किए का बदला पाएगा। यह दुनिया एक इम्तिहान की जगह है, और आख़िरत हमारी असली मंज़िल है। जो लोग आज सत्य को नहीं देखते, वे कल पछताएँगे, लेकिन पछतावे का वह समय किसी काम नहीं आएगा। अल्लाह हमें सीधी राह दिखाए और हमें उन लोगों में शामिल करे जो आख़िरत पर यक़ीन रखते हैं और उसके लिए अच्छे कर्म करते हैं। आमीन।
📜 आयत 64-68 — सूरा अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 66
सूरा अन-नमल आयत 66 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बल्कि (असल ये है कि) आख़िरत के बारे में उनके…सूरा आयत 66/93 — सूरा अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नमल सुनें, सूरा अन-नमल अनुवाद, सूरा अन-नमल mp3, सूरा अन-नमल pdf. आयत 64–68. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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