Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْقَصَصُ: सच्ची खबर और हकीकत।
- الْحَقُّ: वह बात जो सच्ची हो, जिसमें कोई शक न हो।
- الْعَزِيزُ: वह जो अपनी ताकत और अधिकार में सब पर गालिब हो, कोई उसे हरा न सके।
- الْحَكِيمُ: वह जो हर काम में पूरी हिकमत और मसलहत रखता हो।
तफसीर:
यह आयत हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) के उस सच्चे और साफ किस्से की तस्दीक करती है जो अल्लाह ने बयान किया है। यह वही हकीकत है जिसमें कोई शक या झूठ नहीं। यह वही सच्ची खबर है जो पहले की किताबों और रसूलों के ज़रिए दी गई थी, और अब कुरआन में साफ तौर पर बयान कर दी गई है। इसके बाद अल्लाह तआला सबसे बड़ी हकीकत बयान करता है कि इस कायनात में कोई माबूद (पूजा के लायक) नहीं सिवाय अल्लाह के। यही वो बुनियादी सच्चाई है जिस पर पूरा ईमान टिका है। फिर अल्लाह अपनी दो सिफ़ात बयान करता है: "अल-अज़ीज़" यानी वह सब पर गालिब है, उसकी ताकत के आगे कोई नहीं ठहर सकता, और "अल-हकीम" यानी वह हर काम हिकमत से करता है, उसका हर फैसला अदल और मसलहत पर मबनी है। यानी अल्लाह की कुदरत भी कामिल है और उसकी हिकमत भी कामिल, इसलिए उसकी बताई हुई बातें ही सच्ची हैं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई सिर्फ अल्लाह के पास है। जब अल्लाह ने किसी चीज़ की खबर दी, तो वह पूरी तरह सच है, चाहे दुनिया कुछ भी कहे। हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) के बारे में ईसाईयों और यहूदियों के बीच जो झगड़े हैं, अल्लाह ने उसका साफ और सच्चा फैसला सुना दिया। यह हमारे लिए रहनुमाई है कि हम हर मामले में अल्लाह की बताई हकीकत को मानें, न कि लोगों की बनाई रिवायतों को। और सबसे बड़ी बात यह कि अल्लाह की ताकत और हिकमत पर भरोसा रखें। जब हमें यकीन हो कि अल्लाह अज़ीज़ है, तो हमें किसी की परवाह नहीं करनी चाहिए, और जब हमें यकीन हो कि वह हकीम है, तो हर हाल में उसके फैसले पर राज़ी रहना चाहिए। यही ईमान की मिठास है — कि बंदा अपने रब के सच पर दिल से यकीन करे और उसकी ताकत और हिकमत के आगे सर झुका दे। यही रास्ता दुनिया और आख़िरत की कामयाबी का है।
📜 आयत 60-64 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 62
सूरा आल-इमरान आयत 62 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसके बाद हम सब मिलकर (खुदा की बारगाह में) गिड़गिड़ाएं…सूरा आयत 62/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 60–64. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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