अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- السَّعِير: भड़कती हुई आग, जो नरक की सबसे भयानक आग है।
- يَدْعُوهُمْ: उन्हें बुलाता है, उन्हें अपनी ओर खींचता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब इन लोगों से, जो अल्लाह की तौहीद (एकता) और उसकी इबादत में झगड़ते हैं, कहा जाता है कि "उस चीज़ का पालन करो जो अल्लाह ने अपने नबी मुहम्मद ﷺ पर उतारी है" — यानी क़ुरआन और सुन्नत को अपनाओ, तो ये लोग अहंकार और हठधर्मी के साथ जवाब देते हैं: "नहीं, हम तो उसी रास्ते पर चलेंगे जिस पर हमने अपने बाप-दादाओं को पाया है।" यानी वे शिर्क, बुत-परस्ती और पुरानी रस्मों को ही अपना धर्म मानते हैं, चाहे वह कितना ही गलत और विनाशकारी क्यों न हो।
अल्लाह तआला इस पर उन्हें डांटते हुए फरमाता है: "क्या वे अपने बाप-दादाओं का अनुसरण करेंगे, चाहे शैतान उन्हें जलती हुई आग (नरक) के अज़ाब की ओर ही क्यों न बुला रहा हो?" यानी उनके बाप-दादे भी गुमराह थे, और शैतान उन्हीं के रास्ते पर चलकर इन्हें भी उसी आग की तरफ ले जा रहा है जो भड़कती हुई है। क्या अंधी पैरवी इतनी प्यारी है कि वे अपने पूर्वजों की गलतियों पर अड़े रहें, भले ही उनका अंजाम जहन्नुम की आग हो?
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई का पैमाना अल्लाह की वही (प्रकाशना) है, न कि पूर्वजों की परंपराएँ। अगर हमारे बुज़ुर्गों का रास्ता क़ुरआन और सुन्नत के खिलाफ है, तो उसे छोड़ना ही बुद्धिमानी है। अल्लाह ने हमें अक्ल और समझ दी है ताकि हम सच और झूठ में फर्क करें। शैतान का काम ही यही है कि वह इंसान को खूबसूरत बातों से धोखा देकर नरक की तरफ ले जाए। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने बुज़ुर्गों की अच्छी बातों का सम्मान करें, लेकिन सच्चाई को हमेशा सबसे ऊपर रखें। क़ुरआन और रसूल ﷺ की शिक्षाएँ ही हमारी नजात (मुक्ति) का ज़रिया हैं — यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया की बेहतरी और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है।
📜 आयत 19-23 — लुकमान
अनुवाद — लुकमान 21
सूरा लुकमान आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब उनसे कहा जाता है कि जो (किताब) ख़ुदा…सूरा आयत 21/34 — लुकमान لقمان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: लुकमान सुनें, लुकमान अनुवाद, लुकमान mp3, लुकमान pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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