अस-साफ्फात · 139/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
وَإِنَّ يُونُسَ لَمِنَ الْمُرْسَلِينَ ۝١٣٩
Wa inna Yoonusa laminal mursaleen
📖 हिंदी अर्थ
और इसमें शक नहीं कि यूनुस (भी) पैग़म्बरों में से थे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُونُسَ (यूनुस): अल्लाह के नबी हज़रत यूनुस अलैहिस्सलाम, जिन्हें अंग्रेज़ी में जोना (Jonah) कहा जाता है।
  • لَمِنَ الْمُرْسَلِينَ (लमिनल मुरसलीन): निश्चित रूप से भेजे गए रसूलों में से।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने नबी हज़रत यूनुस अलैहिस्सलाम का ज़िक्र करते हुए फ़रमाता है कि वे निश्चित रूप से उन चुने हुए रसूलों में से थे जिन्हें अल्लाह ने अपनी रहमत और हिदायत के पैग़ाम को लोगों तक पहुँचाने के लिए भेजा। यह एक ऐसा एलान है जो उनके मर्तबे को बुलंद करता है और उन्हें उन महान पैग़म्बरों की श्रेणी में शामिल करता है जिन्होंने अपनी क़ौम को अंधकार से निकालकर रोशनी की तरफ लाने का काम किया।

हज़रत यूनुस अलैहिस्सलाम की कहानी में हमारे लिए बड़ी सीख है। वे अपनी क़ौम से नाराज़ होकर शहर से चले गए थे, लेकिन अल्लाह ने उन्हें न केवल माफ़ किया बल्कि उन्हें रसूलों में से चुना। यह दिखाता है कि अल्लाह की रहमत उसके नेक बंदों पर हमेशा रहती है, चाहे वे किसी भी हालत में हों। जब वे एक भरी हुई नाव में सवार हुए, तो अल्लाह ने उन्हें उस मुसीबत से निकाला और उनकी दुआ को क़बूल किया।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने प्यारे बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। हज़रत यूनुस अलैहिस्सलाम की तरह अगर हम भी अल्लाह की राह में मुश्किलों का सामना करें, तो अल्लाह हमें ज़रूर रास्ता दिखाएगा। यह हमारे लिए एक प्यारा पैग़ाम है कि अल्लाह की रहमत से कभी निराश न हों, क्योंकि वह हर मुसीबत में अपने बंदों के साथ होता है।

इस आयत से हमें यह भी सबक मिलता है कि अल्लाह के रसूलों की इज़्ज़त करना और उन पर ईमान लाना हमारे दीन का हिस्सा है। हज़रत यूनुस अलैहिस्सलाम की पैग़म्बरी पर ईमान लाकर हम उस सिलसिले से जुड़ते हैं जो आदम अलैहिस्सलाम से शुरू होकर हमारे प्यारे नबी मुहम्मद ﷺ तक पहुँचता है। यह हमें अल्लाह के करीब लाता है और हमारे दिलों को सुकून देता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 137-141 — अस-साफ्फात

137وَإِنَّكُمْ لَتَمُرُّونَ عَلَيْهِم مُّصْبِحِينَ
और ऐ अहले मक्का तुम लोग भी उन पर से (कभी) सुबह को और (कभी) शाम को (आते जाते गुज़रते हो)
138وَبِاللَّيْلِ ۗ أَفَلَا تَعْقِلُونَ
तो क्या तुम (इतना भी) नहीं समझते
139وَإِنَّ يُونُسَ لَمِنَ الْمُرْسَلِينَ
और इसमें शक नहीं कि यूनुस (भी) पैग़म्बरों में से थे
140إِذْ أَبَقَ إِلَى الْفُلْكِ الْمَشْحُونِ
(वह वक्त याद करो) जब यूनुस भाग कर एक भरी हुई कश्ती के पास पहुँचे
141فَسَاهَمَ فَكَانَ مِنَ الْمُدْحَضِينَ
तो (अहले कश्ती ने) कुरआ डाला तो (उनका ही नाम निकला) यूनुस ने ज़क उठायी (और दरिया में गिर पड़े)
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीRevelation
139आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 139

सूरा अस-साफ्फात आयत 139 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इसमें शक नहीं कि यूनुस (भी) पैग़म्बरों में से…

सूरा आयत 139/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 137–141. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए