अस-साफ्फात · 140/182
अनुवाद उच्चारण — सूरा अस-साफ्फात
إِذْ أَبَقَ إِلَى الْفُلْكِ الْمَشْحُونِ ۝١٤٠
Iz abaqa ilal fulkil mash hoon
📖 हिंदी अर्थ
(वह वक्त याद करो) जब यूनुस भाग कर एक भरी हुई कश्ती के पास पहुँचे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَبَقَ: भागना, फरार होना (ग़ुलाम के भागने के लिए भी यह शब्द इस्तेमाल होता है, यहाँ नबी यूनुस अलैहिस्सलाम के अपनी क़ौम से नाराज़ होकर जाने के लिए प्रयुक्त हुआ है)।
  • الْفُلْكِ: जहाज़, नाव।
  • الْمَشْحُونِ: भरा हुआ, जो यात्रियों और सामान से लदा हुआ हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत नबी यूनुस अलैहिस्सलाम के उस समय का ज़िक्र करती है जब वे अपनी क़ौम से नाराज़ होकर, बिना अल्लाह की इजाज़त के, अपने शहर से निकल गए। वे एक ऐसे जहाज़ पर सवार हुए जो यात्रियों और सामान से पूरी तरह भरा हुआ था। यह घटना उनके जीवन का एक अहम मोड़ थी, जिसमें उन्होंने जल्दबाज़ी की और अल्लाह की मंज़ूरी के बिना कदम उठाया। इसके बाद उन्हें समुद्र में डाल दिया गया और एक बड़ी मछली ने उन्हें निगल लिया, जहाँ उन्होंने अल्लाह से दुआ की और अपनी ग़लती का एहसास किया।

यहाँ से हमें सीख मिलती है कि इंसान को अपने मामलों में अल्लाह की रज़ा और उसकी हिदायत को मुक़द्दम रखना चाहिए। यहाँ तक कि अल्लाह के प्यारे नबी भी जब जल्दबाज़ी करते हैं, तो उन्हें सबक मिलता है, लेकिन अल्लाह उन्हें रहमत से नवाज़ता है और उनकी दुआ क़बूल करता है। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपने जीवन में सब्र और अल्लाह पर भरोसा रखें, और किसी भी काम में जल्दबाज़ी न करें। अल्लाह हमेशा अपने बंदों की भलाई चाहता है, और जब बंदा अपनी ग़लती पर पश्चाताप करता है, तो अल्लाह उसे माफ़ कर देता है और उसकी मुश्किलें आसान कर देता है। यह क़िस्सा हमें बताता है कि अल्लाह की रहमत उसके ग़ुस्से से कहीं बड़ी है, और वह अपने नेक बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता।



📜 आयत 138-142 — सूरा अस-साफ्फात

138وَبِاللَّيْلِ ۗ أَفَلَا تَعْقِلُونَ
तो क्या तुम (इतना भी) नहीं समझते
139وَإِنَّ يُونُسَ لَمِنَ الْمُرْسَلِينَ
और इसमें शक नहीं कि यूनुस (भी) पैग़म्बरों में से थे
140إِذْ أَبَقَ إِلَى الْفُلْكِ الْمَشْحُونِ
(वह वक्त याद करो) जब यूनुस भाग कर एक भरी हुई कश्ती के पास पहुँचे
141فَسَاهَمَ فَكَانَ مِنَ الْمُدْحَضِينَ
तो (अहले कश्ती ने) कुरआ डाला तो (उनका ही नाम निकला) यूनुस ने ज़क उठायी (और दरिया में गिर पड़े)
142فَالْتَقَمَهُ الْحُوتُ وَهُوَ مُلِيمٌ
तो उनको एक मछली निगल गयी और यूनुस खुद (अपनी) मलामत कर रहे थे
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीअवतरण स्थान
140आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 140

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Saturday, October 3, 2026

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