अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَلَبِثَ: रुका रहता, ठहरा रहता।
- فِي بَطْنِهِ: उस (मछली) के पेट में।
- إِلَى يَوْمِ يُبْعَثُونَ: उस दिन तक जब सब (क़ब्रों से) उठाए जाएँगे (यानी क़ियामत के दिन तक)।
तफ़सीर:
अगर यूनुस (अलैहिस्सलाम) की ओर से पहले से अच्छे आमाल और इबादत का सबूत न होता, और उन्होंने मछली के पेट में तस्बीह (अल्लाह की तस्बीह) न की होती — जैसा कि उन्होंने कहा: "لَا إِلَٰهَ إِلَّا أَنْتَ سُبْحَانَكَ إِنِّي كُنْتُ مِنَ الظَّالِمِينَ" (कोई माबूद नहीं सिवाय तेरे, तू पाक है, बेशक मैं ज़ालिमों में से था) — तो वह मछली के पेट में क़ियामत के दिन तक रुके रहते, और वह पेट उनके लिए क़ब्र बन जाता। यानी वहाँ से कभी निकल न पाते और उसी में दफ़न रहते।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की इबादत, तस्बीह और सच्ची तौबा कितनी बड़ी नेमत है। यूनुस (अलैहिस्सलाम) की मुसीबत से निजात उनके अच्छे आमाल और अल्लाह की रहमत की बदौलत हुई। यह हमारे लिए सबक़ है कि मुसीबत के वक़्त अल्लाह की तरफ रुजू करना, उसकी तस्बीह करना और अपनी ग़लतियों पर नदामत के साथ तौबा करना हमारी नजात का ज़रिया बनता है। अल्लाह अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है, और जो उसकी तरफ सच्चे दिल से लौटता है, उसे वह कभी निराश नहीं करता। यही तो इस्लाम की रूह है — कि हर हाल में अल्लाह पर भरोसा रखो, उसकी रहमत से उम्मीद न खोओ, और अपनी कमज़ोरियों का एहसास करके उससे माफ़ी माँगो।
📜 आयत 142-146 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 144
सूरा अस-साफ्फात आयत 144 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो रोज़े क़यामत तक मछली के पेट में रहतेसूरा आयत 144/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 142–146. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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