अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- زَجْرَةٌ: एक ही बार की तेज़ आवाज़ या पुकार, जो दूसरी बार सूर (नरसिंगा) में फूँके जाने का संकेत है।
- يَنظُرُونَ: वे देख रहे होंगे, अर्थात अपनी क़ब्रों से उठकर प्रलय के भयानक दृश्यों को देख रहे होंगे।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत क़यामत के दिन की उस हैरतअंगेज़ हक़ीक़त को बयान करती है जब अल्लाह तआला अपनी क़ुदरत से सारे इंसानों को दोबारा ज़िंदा करेगा। अल्लाह फ़रमाता है कि यह दोबारा उठना कोई मुश्किल या लंबा काम नहीं, बल्कि सिर्फ एक ही बार पुकार होगी—एक ही झिड़की या सूर की दूसरी फूँक—और उसी लम्हे सारे लोग अपनी क़ब्रों से निकलकर खड़े हो जाएँगे और अपनी आँखों से प्रलय के भयानक मंज़र देखने लगेंगे। वे हैरान और सहमे हुए इधर-उधर देखेंगे कि उनके साथ क्या किया जा रहा है और उनका अंजाम क्या होगा।
यह आयत उन लोगों के लिए एक सख़्त चेतावनी है जो मरने के बाद जी उठने को नामुमकिन समझते हैं। अल्लाह तआला बता रहा है कि उसकी क़ुदरत के आगे यह काम एक पल से भी कम समय में हो जाएगा। जिस तरह एक बार पैदा करना आसान था, उसी तरह दोबारा ज़िंदा करना भी उसके लिए बिल्कुल आसान है। यह वह दिन होगा जब हर इंसान अपने अमलों का सामना करेगा, और जो लोग दुनिया में अल्लाह के हुक्मों से ग़ाफ़िल रहे, वे उस दिन पछताएँगे, लेकिन पछतावा उनके किसी काम न आएगा।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें हमेशा उस दिन की तैयारी में रहना चाहिए। जो लोग नेक अमल करते हैं और अल्लाह की राह में चलते हैं, उनके लिए वह दिन रहमत और खुशी का होगा, और जो गुनाहों में डूबे रहे, उनके लिए वह दिन सख़्त अज़ाब का होगा। अल्लाह तआला ने हमें मोहलत दी है, हमें चाहिए कि इस मोहलत से फ़ायदा उठाएँ, तौबा करें, और अपने रब की इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें। याद रखें, अल्लाह की पुकार से बचना किसी के बस में नहीं, और उस दिन हर कोई अपने किए का फल पाएगा।
📜 आयत 17-21 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 19
सूरा अस-साफ्फात आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम ज़लील होगे और वह (क़यामत) तो एक ललकार…सूरा आयत 19/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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