अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَحَقَّ – वाजिब ठहरा, सिद्ध हो गया
- قَوْلُ رَبِّنَا – हमारे रब का वचन (वादा)
- لَذَائِقُونَ – अवश्य चखने वाले हैं
तफ़सीर:
यह आयत उस हालत का वर्णन कर रही है जब अहले जहन्नम (जहन्नम वालों) के सरदार अपने अनुयायियों से बात करेंगे। वे कहेंगे: "हमारे रब का वचन हम पर सिद्ध हो चुका है, और वह वचन यह था कि हम सब अवश्य ही अज़ाब का मज़ा चखेंगे।"
यह वही वचन है जो अल्लाह तआला ने इब्लीस और उसके अनुयायियों के बारे में फ़रमाया था: "मैं जहन्नम को तुमसे और उन सब लोगों से भर दूँगा जो तुम्हारी पैरवी करेंगे।" (सूरत साद: 85)
यानी जब दुनिया में ये लोग अल्लाह के हुक्म को झुठलाते थे और नबियों की दावत को नकारते थे, तो अल्लाह का फ़ैसला पहले से लिखा जा चुका था कि इनकार करने वालों को जहन्नम में डाला जाएगा। अब उस फ़ैसले पर अमल हो रहा है और ये लोग अपनी गलती को समझ रहे हैं, लेकिन पछतावे का वक़्त गुज़र चुका है।
यह आयत हमें बहुत बड़ी नसीहत देती है कि अल्लाह का वादा और उसका डर सच्चा है। जिस तरह अल्लाह ने अच्छे लोगों के लिए जन्नत का वादा किया है, उसी तरह बुरे लोगों के लिए जहन्नम की धमकी भी दी है। अल्लाह का हर वादा पूरा होकर रहेगा।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी कैसे बिता रहे हैं। क्या हम अल्लाह के हुक्मों पर चल रहे हैं? क्या हम उन चीज़ों से बच रहे हैं जिनसे अल्लाह ने रोका है? अगर हम दुनिया में अल्लाह की इबादत करेंगे और उसके रास्ते पर चलेंगे, तो आख़िरत में हमें जन्नत की नेमतें मिलेंगी। लेकिन अगर हम अल्लाह से ग़ाफ़िल रहे और गुनाह करते रहे, तो वह दिन बहुत बुरा होगा जब हमें अपनी गलतियों का अफ़सोस होगा।
अल्लाह तआला हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें जहन्नम के अज़ाब से बचाकर जन्नत अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 29-33 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 31
सूरा अस-साफ्फात आयत 31 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर अब तो लोगों पर हमारे परवरदिगार का (अज़ाब का)…सूरा आयत 31/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 29–33. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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