Yastakhfoona minannaasi wa laa yastakh foona minal laahi wa huwa ma`ahum iz yubaiyitoona maa laa yardaa minal qawl; wa kaanal laahu bimaa ya`maloona muheetaa
📖 अनुवाद (हिंदी अर्थ)
📖 हिंदी अर्थ
लोगों से तो अपनी शरारत छुपाते हैं और (ख़ुदा से नहीं छुपा सकते) हालॉकि वह तो उस वक्त भी उनके साथ साथ है जब वह लोग रातों को (बैठकर) उन बातों के मशवरे करते हैं जिनसे ख़ुदा राज़ी नहीं और ख़ुदा तो उनकी सब करतूतों को (इल्म के अहाते में) घेरे हुए है
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🌐 اردو
یہ لوگوں سے تو چھپتے ہیں اور خدا سے نہیں چھپتے حالانکہ جب وہ راتوں کو ایسی باتوں کے مشورے کیا کرتے ہیں جن کو وہ پسند نہیں کرتا ان کے ساتھ ہوا کرتا ہے اور خدا ان کے (تمام) کاموں پر احاطہ کئے ہوئے ہے
يُبَيِّتُونَ – रात में साजिश रचते हैं, रात में कोई बात तय करते हैं
مُحِيطًا – घेरने वाला, हर चीज़ को अपने ज्ञान से घेरे हुए
तफ़सीर (व्याख्या):
ये आयत उन लोगों के बारे में है जो बुरे काम करते हैं, लेकिन लोगों से शर्मिंदा होकर अपने काम छिपाते हैं। वे इस बात से डरते हैं कि कहीं लोगों को उनकी बुराई का पता न चल जाए, इसलिए वे चोरी-छिपे अपने गलत काम अंजाम देते हैं। मगर अफ़सोस! वे अल्लाह से नहीं छिपते, और न ही उससे शर्म खाते हैं। वे भूल जाते हैं कि अल्लाह उनके साथ है – उसका ज्ञान उन्हें घेरे हुए है। जब वे रात में आपस में मिलकर ऐसी बातें तय करते हैं जो अल्लाह को पसंद नहीं हैं – जैसे किसी निर्दोष पर इल्ज़ाम लगाना या किसी गुनाहगार को बचाने की साज़िश रचना – तो अल्लाह उस वक़्त भी उनके पास होता है और उनकी हर बात को देख और सुन रहा होता है। अल्लाह तआला उनके सारे कामों को, चाहे वे खुले हों या छिपे, पूरी तरह से अपने इल्म में घेरे हुए है। उससे कोई चीज़ छिपी नहीं है, और वह उन्हें उनके कर्मों का पूरा-पूरा बदला देगा।
फ़ायदे (सबक):
अल्लाह का ज्ञान हर जगह और हर वक़्त मौजूद है – चाहे हम रात के अंधेरे में हों या एकांत में, अल्लाह हमें देख रहा है। ये एहसास इंसान को गुनाह से रोकता है।
जिस तरह हम लोगों के सामने अपनी बुराइयाँ छिपाते हैं, क्या हमें अल्लाह से ज़्यादा शर्म नहीं करनी चाहिए जो हमारा मालिक है और हमें हर वक़्त देख रहा है?
रात में की जाने वाली साज़िशें और बुरी योजनाएँ अल्लाह से छिपी नहीं हैं – इसलिए इंसान को चाहिए कि वह अपनी नीयत और अपने कामों को साफ़ रखे।
ये आयत हमें सिखाती है कि इंसान को अपने अंदर अल्लाह का खौफ़ और शर्म पैदा करनी चाहिए, क्योंकि यही वो चीज़ है जो उसे बुराई से बचाती है और उसे अच्छे इंसान बनाती है।
अल्लाह का इल्म हर चीज़ को घेरे हुए है – ये बात मोमिन के दिल को सुकून देती है कि उसका रब उसकी हर अच्छाई और हर कुर्बानी को देख रहा है, और उसका अज्र (इनाम) कभी ज़ाइया नहीं होगा।
लोगों से तो अपनी शरारत छुपाते हैं और (ख़ुदा से नहीं छुपा सकते) हालॉकि वह तो उस वक्त भी उनके साथ साथ है जब वह लोग रातों को (बैठकर) उन बातों के मशवरे करते हैं जिनसे ख़ुदा राज़ी नहीं और ख़ुदा तो उनकी सब करतूतों को (इल्म के अहाते में) घेरे हुए है
और (ऐ रसूल) तुम (उन बदमाशों) की तरफ़ होकर (लोगों से) न लड़ो जो अपने ही (लोगों) से दग़ाबाज़ी करते हैं बेशक ख़ुदा ऐसे शख्स को दोस्त नहीं रखता जो दग़ाबाज़ गुनाहगार हो
लोगों से तो अपनी शरारत छुपाते हैं और (ख़ुदा से नहीं छुपा सकते) हालॉकि वह तो उस वक्त भी उनके साथ साथ है जब वह लोग रातों को (बैठकर) उन बातों के मशवरे करते हैं जिनसे ख़ुदा राज़ी नहीं और ख़ुदा तो उनकी सब करतूतों को (इल्म के अहाते में) घेरे हुए है
(मुसलमानों) ख़बरदार हो जाओ भला दुनिया की (ज़रा सी) ज़िन्दगी में तो तुम उनकी तरफ़ होकर लड़ने खडे हो गए (मगर ये तो बताओ) फिर क़यामत के दिन उनका तरफ़दार बनकर ख़ुदा से कौन लड़ेगा या कौन उनका वकील होगा
सूराकुरान वेबसाइट की स्थापना पवित्र किताब और पाक सुन्नत की सेवा, अल्लाह की ओर बुलावा, और कुरान व सुन्नत के मार्ग पर धार्मिक विज्ञान को सुगम बनाने के एक विनम्र प्रयास के रूप में की गई थी। हम अल्लाह की प्रशंसा और उसके अनुग्रह के लिए धन्यवाद करते हैं, और उससे प्रार्थना करते हैं कि वह हमारे कार्यों को स्वीकार करे और उन्हें केवल उसके महान चेहरे के लिए विशुद्ध बनाए।