Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حُيِّيتُم بِتَحِيَّةٍ: अर्थात जब कोई तुम्हें सलाम या दुआ दे।
- فَحَيُّوا: तो तुम भी उसका उत्तर दो।
- بِأَحْسَنَ مِنْهَا: उससे बेहतर शब्दों और अंदाज़ में।
- أَوْ رُدُّوهَا: या कम से कम उतना ही लौटाओ जितना उसने कहा।
- حَسِيبًا: हिसाब लेने वाला, हर चीज़ का जवाब देने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब कोई मुसलमान तुम्हें सलाम करे या कोई अच्छी दुआ दे, तो तुम पर उसका जवाब देना अनिवार्य है। यह जवाब या तो उससे बेहतर शब्दों में हो — जैसे वह "अस्सलामु अलैकुम" कहे और तुम "वअलैकुमुस्सलाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु" कहो — या कम से कम उतने ही शब्दों में लौटाओ जितने उसने कहे। बेहतर जवाब देना अधिक उत्तम है, क्योंकि इसमें मुसलमानों के बीच प्रेम और भाईचारा बढ़ता है। यह भी ध्यान रखें कि सलाम का जवाब केवल शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि चेहरे की खुशी और विनम्रता के साथ होना चाहिए। अल्लाह तआला हर छोटे-बड़े काम का हिसाब लेने वाला है — वह सलाम करने वाले और जवाब देने वाले दोनों के कर्मों को जानता है और हर एक को उसका पूरा बदला देगा। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की नज़र में छोटी से छोटी अच्छाई भी बेकार नहीं जाती।
फ़ायदे (सीख):
- सलाम का जवाब देना इस्लाम में एक अधिकार और सुन्नत है, जो मुसलमानों के बीच मुहब्बत और एकता को मज़बूत करता है।
- बेहतर जवाब देने की तालीम देकर इस्लाम हमें नेकी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की प्रेरणा देता है — यहाँ तक कि साधारण बातचीत में भी।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह हर चीज़ का हिसाब रखता है, इसलिए हमें अपने हर काम — यहाँ तक कि सलाम-कलाम — में भी अच्छाई और भलाई का रास्ता अपनाना चाहिए।
- इससे पता चलता है कि इस्लाम में अच्छे अख़लाक़ (शिष्टाचार) की कितनी अहमियत है — एक साधारण सलाम भी इबादत बन सकता है जब उसे अल्लाह की रज़ा के लिए किया जाए।
- यह आयत मुसलमानों को आपसी मेल-मिलाप और नरमी से बात करने की तरग़ीब देती है, जिससे समाज में शांति और भाईचारा पैदा होता है।
📜 आयत 84-88 — सूरा अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 86
सूरा अन-निसा आयत 86 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब कोई शख्स सलाम करे तो तुम भी उसके…सूरा आयत 86/176 — सूरा अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-निसा सुनें, सूरा अन-निसा अनुवाद, सूरा अन-निसा mp3, सूरा अन-निसा pdf. आयत 84–88. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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