अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَأَنَّىٰ يُؤْفَكُونَ — यानी वे कैसे सत्य से भटकाए जाते हैं, या उन्हें कैसे उलटा किया जा रहा है।
तफ़सीर:
ऐ नबी! अगर आप इन मुशरिकों से पूछें कि "तुम्हें किसने पैदा किया?" तो वे बिना किसी झिझक के कहेंगे: "अल्लाह ने।" यह बात वे खुद मानते हैं और उनका दिल इसका इक़रार करता है। लेकिन सवाल यह है कि जब वे यह मानते हैं कि अल्लाह ही उनका ख़ालिक़ है, तो फिर वे उसकी इबादत क्यों नहीं करते? वे उसकी इबादत छोड़कर दूसरों की इबादत क्यों करते हैं? क्या वही उनका पालनहार और रिज़्क़ देने वाला नहीं? फिर यह कैसी नादानी है कि वे सच्चाई को जानते हुए भी उससे मुँह मोड़ लेते हैं और झूठे माबूदों की तरफ भटक जाते हैं।
यह आयत उनके खिलाफ एक स्पष्ट दलील है — उन्होंने खुद अल्लाह के ख़ालिक़ होने का इक़रार किया, फिर भी वे शिर्क पर अड़े हैं। यह उनकी सोच की विरोधाभासी स्थिति है। अगर वे सच में अल्लाह को अपना रब मानते हैं, तो उन्हें चाहिए कि वे सिर्फ उसी की इबादत करें, उसी के आगे सिर झुकाएँ, और उसी से मदद माँगें। लेकिन वे ऐसा नहीं करते, बल्कि पत्थरों और बुतों के आगे सजदा करते हैं जो न उन्हें पैदा कर सकते हैं, न रिज़्क़ दे सकते हैं, न किसी काम आ सकते हैं।
इस आयत में हमारे लिए एक बड़ी सीख है — हमें अपने दिल से इस सच्चाई को गहराई से समझना चाहिए कि अल्लाह ही हमारा ख़ालिक़ है। जब हम यह मानते हैं, तो हमारी ज़िंदगी का हर पहलू उसी की रज़ा के मुताबिक होना चाहिए। हमें उसी की इबादत करनी चाहिए, उसी से डरना चाहिए, उसी से उम्मीद रखनी चाहिए। यही सच्ची मुसलमानी है — कि हमारा दिल, हमारी ज़ुबान और हमारे अमल सब अल्लाह की तरफ मुड़ जाएँ।
और यह भी याद रखें — जिस दिन हम अपने रब के सामने खड़े होंगे, उस दिन हमसे पूछा जाएगा कि हमने अपनी ज़िंदगी कैसे गुज़ारी। क्या हमने उसकी इबादत की जिसने हमें पैदा किया? या हम दुनिया के झूठे ख्वाबों में खोए रहे? अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें उन लोगों में से बनाए जो सच्चाई को पहचानते हैं और उस पर अमल करते हैं। आमीन।
📜 आयत 85-89 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 87
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 87 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर तुम उनसे पूछोगे कि उनको किसने पैदा किया…सूरा आयत 87/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 85–89. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








