अद-दुखान · 34/59
अनुवाद उच्चारण — अद-दुखान
إِنَّ هَٰؤُلَاءِ لَيَقُولُونَ ۝٣٤
Inna haaa`ulaaa`i la yaqooloon
📖 हिंदी अर्थ
ये (कुफ्फ़ारे मक्का) (मुसलमानों से) कहते हैं

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • إِنَّ هَٰؤُلَاءِ: निश्चय ही ये लोग (मक्का के मुशरिकीन)।
  • لَيَقُولُونَ: अवश्य कहते हैं (अर्थात ये बातें कहते हैं)।

विस्तृत तफ़सीर:

निश्चय ही ये मक्का के मुशरिकीन, जो आपकी क़ौम में से हैं — ऐ नबी! — जब उनसे कहा जाता है कि तुम मरोगे और फिर दोबारा जीवित किए जाओगे और अपने कर्मों का हिसाब दोगे, तो वे इस पर अचरज और इनकार के साथ कहते हैं: "हमारी तो बस एक ही मौत है — यही पहली और आख़िरी मौत। इसके बाद हमें कभी दोबारा नहीं उठाया जाएगा, न कोई हिसाब होगा, न कोई बदला, न कोई सज़ा और न कोई जज़ा।"

ये लोग अपनी इस बात में बिल्कुल अकेले नहीं हैं, बल्कि यही वह पुरानी उम्मतों का हाल रहा है जिन्होंने आख़िरत के दिन को झुठलाया। वे सोचते हैं कि मौत ही सब कुछ ख़त्म कर देती है, और वे यह भूल जाते हैं कि जिसने उन्हें पहली बार पैदा किया, वही उन्हें दोबारा ज़िंदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है।

ऐ अज़ीज़ क़ौम! ज़रा ग़ौर करो — क्या यह मुमकिन है कि जिस ख़ुदा ने इस कायनात को बनाया, आसमानों और ज़मीन को पैदा किया, सूरज और चाँद को ताबे में रखा, वह तुम्हें मौत के बाद दोबारा ज़िंदा न कर सके? हरगिज़ नहीं! यह उसकी क़ुदरत से बिल्कुल दूर की बात नहीं। मौत के बाद की ज़िंदगी ही तो असल ज़िंदगी है, जहाँ हर अच्छे और बुरे काम का पूरा-पूरा बदला मिलेगा।

यही वह पल है जब इंसान अपनी सारी उम्र के किए-धराए का सामना करेगा। जो लोग आज इस पर यक़ीन नहीं करते, वे कल जब इस हक़ीक़त को अपनी आँखों से देखेंगे, तो काश! वे दुनिया में लौटाए जाएँ और नेक अमल करें — लेकिन वह दिन आने के बाद लौटना मुमकिन नहीं होगा।

इसलिए ऐ मोमिनों! तुम उनके इन इनकारी कलामों से न घबराओ और न उदास होओ। यह तो उनकी जिहालत और सरकशी है। तुम अपने रब की राह पर साबित-क़दम रहो, क्योंकि सच्चाई तो यही है कि मौत के बाद ज़िंदगी है, और उस दिन हर इंसान को उसके अमाल का पूरा बदला मिलेगा। यही वह दिन है जिसकी तरफ़ सारे नबी और रसूल बुलाते रहे हैं, और यही वह सच्चाई है जो इंसान को ज़िंदगी का सही रास्ता दिखाती है।



📜 आयत 32-36 — अद-दुखान

32وَلَقَدِ اخْتَرْنَاهُمْ عَلَىٰ عِلْمٍ عَلَى الْعَالَمِينَ
और हमने बनी इसराईल को समझ बूझ कर सारे जहॉन से बरगुज़ीदा किया था
33وَآتَيْنَاهُم مِّنَ الْآيَاتِ مَا فِيهِ بَلَاءٌ مُّبِينٌ
और हमने उनको ऐसी निशानियाँ दी थीं जिनमें (उनकी) सरीही आज़माइश थी
34إِنَّ هَٰؤُلَاءِ لَيَقُولُونَ
ये (कुफ्फ़ारे मक्का) (मुसलमानों से) कहते हैं
35إِنْ هِيَ إِلَّا مَوْتَتُنَا الْأُولَىٰ وَمَا نَحْنُ بِمُنشَرِينَ
कि हमें तो सिर्फ एक बार मरना है और फिर हम दोबारा (ज़िन्दा करके) उठाए न जाएँगे
36فَأْتُوا بِآبَائِنَا إِن كُنتُمْ صَادِقِينَ
तो अगर तुम सच्चे हो तो हमारे बाप दादाओं को (ज़िन्दा करके) ले आओ
अद-दुखानकुरान सूची
59आयत
मक्कीRevelation
34आयत

अनुवाद — अद-दुखान 34

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सूरा आयत 34/59 — अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुखान सुनें, अद-दुखान अनुवाद, अद-दुखान mp3, अद-दुखान pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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