अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَأَثَابَهُمُ اللهُ: तो अल्लाह ने उन्हें बदला दिया / प्रतिफल दिया।
- جَنَّاتٍ: बाग़ (बहिश्त के बाग़)।
- تَجْرِي مِنْ تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ: जिनके नीचे से नहरें बहती हैं।
- خَالِدِينَ فِيهَا: उनमें हमेशा रहने वाले।
- جَزَاءُ الْمُحْسِنِينَ: नेकी करने वालों का बदला।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने उन लोगों को, जिन्होंने ईमान लाने और सच्चाई को क़बूल करने का ऐलान किया और यह तमन्ना की कि वे नेक बंदों के साथ रहें, उनके इस क़ौल (बात) की वजह से बड़ा अज्र (इनाम) अता फ़रमाया। वह अज्र यह है कि उन्हें ऐसे बाग़ दिए गए जिनके महलों और दरख़्तों के नीचे नहरें बहती हैं। वे इन बाग़ों में हमेशा रहेंगे, कभी निकलेंगे नहीं और न ही उन्हें वहाँ से हटाया जाएगा। यह उन लोगों का बदला है जो अपने अक़वाल (बातों) और आमाल (कामों) में नेकी करते हैं, यानी जो सच्चे दिल से अल्लाह के हुक्म की पैरवी करते हैं और बिना किसी शर्त के हक़ के आगे सर झुका देते हैं। यह इनाम उनके ईमान, उनकी सच्चाई और उनके अच्छे किरदार का नतीजा है।
फ़ायदे (सबक़):
- सच्ची बात और नेक इरादे का इनाम: यह आयत सिखाती है कि जब इंसान सच्चे दिल से ईमान का इज़हार करता है और नेकी की चाहत रखता है, तो अल्लाह उसे ज़रूर उसका बदला देता है। अल्लाह किसी की नेक नीयत को बेकार नहीं जाने देता।
- जन्नत की हमेशगी: मोमिन के लिए सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी यह है कि जन्नत की नेअमतें हमेशा रहने वाली हैं। वहाँ कोई ख़त्म होने वाला सुख नहीं, बल्कि हमेशा की राहत और सुकून है। यह चीज़ इंसान को दुनिया की फ़ानी (नाशवान) ख़ुशियों से बेहतर जन्नत की तरफ़ राग़िब करती है।
- नेकी का इनाम नेकी है: अल्लाह अपने नेक बंदों को सिर्फ़ उनकी नेकियों का बदला नहीं देता, बल्कि उन पर अपना फ़ज़ल (कृपा) भी करता है। यह हमें सिखाता है कि हमें अपनी ज़िंदगी में नेकी को अपना शिआर (तरीक़ा) बनाना चाहिए, चाहे दुनिया में उसका फ़ौरी नतीजा न भी दिखे।
- हक़ के आगे झुकना: जो लोग बिना किसी हिचकिचाहट के हक़ (सच्चाई) को क़बूल कर लेते हैं, अल्लाह उन्हें ऊँचा मक़ाम अता करता है। यह हमें सिखाता है कि हमें सच्चाई को क़बूल करने में देर नहीं करनी चाहिए, चाहे वह किसी भी तरफ़ से आए।
- अच्छे साथी की अहमियत: आयत में उन लोगों का ज़िक्र है जिन्होंने नेक लोगों के साथ रहने की तमन्ना की। यह हमें सिखाता है कि अच्छे लोगों की सोहबत (संगत) इंसान को जन्नत तक पहुँचाने का ज़रिया बन सकती है। इसलिए हमें नेक और सच्चे लोगों की संगत इख़्तियार करनी चाहिए।
📜 आयत 83-87 — अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 85
सूरा अल-माइदा आयत 85 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ख़ुदा ने उन्हें उनके (सदक़ दिल से) अर्ज़ करने…सूरा आयत 85/120 — अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-माइदा सुनें, अल-माइदा अनुवाद, अल-माइदा mp3, अल-माइदा pdf. आयत 83–87. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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